भाई कमलानंद ने बताया कि 21 फरवरी को लखनऊ में होगी अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला, यह रहेंगे मुद्दे

हिमशिखर खबर ब्यूरो

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लखनऊ: लखनऊ के गोमती नगर में आगामी 21 फरवरी को विकास की निवेश शाला पर एक समग्रवादी चिंतन किया जाएगा। इसमें पूरे उत्तर प्रदेश में प्रति ब्लाक 200 करोड का सहकारिता के साथ निवेश का प्लान प्रस्तुत किया जाएगा। जिससे प्रति ब्लाक 1000 लोगों को पर्यावरणपूरक धंधे में निवेश और रोजगार मिलने के द्वार खुल सकेंगे। इस कार्यशाला में जर्मनी, दिल्ली और वाराणसी से विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।

पूर्व सचिव भाई कमलानंद (डा कमल टावरी) ने अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला की जानकारी देते हुए बताया कि जलवायु परिवर्तन एक वैश्विक खतरा बन गया है। इससे पृथ्वी के तापमान में वृद्धि, वर्षा की अनियमितता, मौसमी बीमारी का प्रसार वन्य जीव जतुओं को नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, दूसरी ओर हम जैविक खेती को छोडकर रासायनिक खेती की ओर बढ रहे हैं। पिछले साल कैलिफोर्निया की एक रिपोर्ट के अनुसार जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए जैविक खेती की सिफारिश की गई थी। यानी जैविक खेती जलवायु परिवर्तन को कम करने में मददगार साबित हो सकती है। जैविक खेती हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होती है।

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भाई कमलानंद ने कहा कि हमारा उद्देश्य यह है कि हर किसान के घर में गाय हो, वॉकल फार लोकल, आत्मनिर्भरता, भविष्य की चुनौतियो को देखते हुए ग्राम स्वराज और पर्यावरण के साथ जैविक से संपूर्ण कांति लाई जाए। बताया कि इस कार्यशाला में कृषि विभाग के रिटायर्ड वैज्ञानिक डा अरूण सिंह अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। जिससे पूरे प्रदेश में ग्राम स्तर पर यह अभियान के रूप् में लागू किया जा सकता है। बताया कि वे भी इस बंध में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।

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अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें- जैविक से संपूर्ण क्रांति के मिशन डारेक्टर अरुण कुमार सिंह जी 094504 44660