बीआरओ ने सेला सुरंग परियोजना के तहत खुदाई के सभी कार्यों का समापन कर अंतिम विस्फोट किया

नई दिल्ली

Uttarakhand

सीमा सड़क के महानिदेशक (डीजीबीआर) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने आज नई दिल्ली से एक ई-समारोह के माध्‍यम से 980 मीटर लंबी सेला सुरंग (सुरंग 1) के लिए अंतिम विस्फोट किया। यह संपूर्ण सेला सुरंग परियोजना के तहत उत्खनन कार्यों के चरम बिंदु का प्रतीक है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने यह उपलब्धि खराब मौसम और भारी बर्फबारी के बीच प्राप्त की है।

सेला सुरंग परियोजना अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले में स्थित है। इस परियोजना के पूरा हो जाने के बाद यह यह तवांग को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिसके चलते यह एक जीवन रेखा की तरह होगी। इस परियोजना में दो सुरंगें शामिल हैं।पहली 980 मीटर लंबी सुरंग, सिंगल ट्यूब टनल औरदूसरी 1555 मीटर लंबीसुरंग, ट्विन ट्यूब टनल है। सुरंग 2 में यातायात के लिए एक बाइ-लेन ट्यूब और आपात स्थिति के लिए एक एस्केप ट्यूब है। यह 13,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर बनाई गई सबसे लंबी सुरंगों में से एक होगी।इस परियोजना में सुरंग 1 के लिए सात किलोमीटर की पहुंच (अप्रोच) सड़क का निर्माण भी शामिल है, जो बीसीटी रोड से निकलती है। इसके अलावा सुरंग 1 और सुरंग 2 को जोड़ने वाली1.3 किलोमीटर का एक लिंक रोड है।

2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेला सुरंग परियोजना का शिलान्यास किया था। वहीं, 15 जनवरी, 2021 को डीजीबीआर के पहला विस्फोट किए जाने के बादसुरंग 1 पर खुदाई का काम शुरू हुआ था।इसके बाद 14 अक्टूबर 2021 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इंडिया गेट से एक ई-समारोह के जरिएसुरंग 2 पर विस्फोट किया था।यह 1,555 मीटर लंबी सुरंग 2 केखुदाई कार्य के समापन का प्रतीक था।

 

Uttarakhand Uttarakhand

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/PIC1DDDH.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/PIC27YIC.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/PIC4W8YS.jpg

Uttarakhand UttarakhandUttarakhand