विक्रांत भैरव के उपासक के रूप में पौड़ी गढ़वाल के प्रसिद्ध डबराल बाबा अष्ट महाभैरव में…
आस्था
सुप्रभातम्: काल भैरव बाबा को काशी का कोतवाल क्यों कहते हैं?
गंगा के किनारे बसे उत्तर प्रदेश का शहर काशी (वाराणसी) सबसे पुराने शहरों में से एक…
विश्वकर्मा जंयती आज: देवताओं के शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा ने बनाई थी सोने की लंका और द्वारका नगरी, इस तरह करें पूजन
हिमशिखर खबर ब्यूरो आज शनिवार, 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जा रही है।…
सुप्रभातम्: सूर्य का राशि परिवर्तन आज, कन्या राशि में करेंगे प्रवेश
पंडित उदय शंकर भट्ट ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ग्रहों के राजा सूर्य का किसी राशि…
सुप्रभातम्: आत्मदेव ब्राह्मण, गौकर्ण और धुंधकारी की कथा
हिमशिखर खबर ब्यूरो तुंगभद्रा तटे पूर्वम् भूत्पत्तनमुत्तमम्। यत्र वर्णा: स्वधर्मेण सत्य सत्कर्मतत्परा:॥ प्राचीन समय की बात…
सुप्रभातम्; त्रिजटा को आया था लंका जलने का सपना, पहले ही सुना दिया था युद्ध का पूरा हाल!
हिमशिखर धर्म डेस्क श्री रामचरित मानस के छोटे-से-छोटे पात्र भी विशेषता संपन्न है। इसके स्त्री पात्रों…
सुप्रभातम्: क्यों दोपहर में होता है पितरों का भोजन, दक्षिण दिशा की और पिंडदान और तर्पण
पितृ पक्ष, पितरों का याद करने का समय माना गया है। भाद्र शुक्ल पूर्णिमा को ऋषि…
श्राद्ध से जुड़े सवाल: कौए, गाय, कुत्ते को पितृपक्ष में भोजन क्यों दिया जाता है, पिंड चावल के क्यों बनाए जाते हैं, श्राद्ध में चावल की खीर ही क्यों बनाई जाती है?
पितृ पक्ष शुरू हो चुका है। पितृ पक्ष के दिनों में पितरों के पिंडदान, श्राद्ध, तर्पण…
पितृपक्ष पर विशेष: सीता माता ने दिया श्राद्ध भोज
हिमशिखर खबर भगवान श्रीकृष्ण से पक्षीराज गरुड़ ने पूछा :— हे प्रभो ! पृथ्वी पर लोग…
श्राद्ध पक्ष आज से : पितृ पक्ष में पितर देवता अपने वंशजों से उम्मीद रखते हैं कि वे पिंडदान, तर्पण आदि करके उन्हें संतुष्ट करेंगे
पंडित हर्षमणि बहुगुणा आज से श्राद्ध पक्ष प्रारम्भ हो रहा है, जो लगातार सोलह दिन तक…