ठंड में भारी पड़ी श्रद्धालुओं की आस्था: हरिद्वार, देवप्रयाग में कड़ाके की ठंड में श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, गंगा घाटों पर उमड़ी भीड़

हिमशिखर धर्म डेस्क

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देहरादून:मकर संक्रांति का महापर्व आज (15 जनवरी) उत्तराखंड में पूरे आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचे। गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा की और दान-पुण्य किया। हरिद्वार, देवप्रयाग, ऋषिकेश, उत्तरकाशी सहित गंगा घाटों पर हर जगह श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह और श्रद्धा में कोई कमी दिखी। हर जगह भक्तों का तांता लगा रहा। बता दें कि आज से सभी मांगलिक कार्य शुरू हो गए हैं। इस दिन भगवान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं।

देवप्रयाग में गंगा स्नान के लिए पहुंचे बीजेपी नेता डॉ प्रमोद उनियाल ने बताया कि उत्तराखंड के अलावा देश के विभिन्न प्रांतों से श्रद्धालु मकर संक्रांति स्नान पर संगम पहुंचे। बताया कि नेपाल से भी बड़ी तादाद मेंश्रद्धालु गंगा में स्नान करने आए। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दाल, चावल, तिल, गुड और उड़द की दाल की खिचड़ी का दान किया। तिल, गुड़ और उड़द की दाल की खिचड़ी दान का पुण्य माना जाता है। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने आसपास के मंदिरों में दर्शन किए।

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गंगा में स्नान का महत्व: श्रद्धालुओं ने साफ तौर से कहा कि गंगा में स्नान करने का काफी महत्व होता है इसलिए आज हम लोग गंगा में स्नान कर रहे हैं। साथ-साथ तिल दान करने का भी बहुत महत्व होता है इसलिए गंगा में स्नान करके हम लोग यहीं पर तिल दान करके पुण्य के भागी बन रहे हैं। वहीं घाट पर मौजूद पंडित जी ने बताया कि आज के दिन गंगा में स्नान करके तिल और गुड़ का दान करने से काफी अच्छा फल मिलता है और लोग पुण्य के भागी होते है।