गंदगी देख भड़के डा. कमल टावरी, कही यह बड़ी बात

हिमशिखर खबर ब्यूरो

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वृंदावनः पूर्व केंद्रीय सचिव भारत सरकार स्वामी कमलानंद (डा कमल टावरी) वृंदावन के परिक्रमा मार्ग पर गंदगी देख भड़क गए। इस दौरान उन्होंने संतो के साथ बैठककर क्षेत्र में स्वच्छता अभियान को धार देने के लिए झाड़ू उठाकर दो दिन सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया। साथ ही सांसद हेमामालिनी के निजी सचिव से भी बात कर स्वच्छता मामले से अवगत कराया।

बलरामदास महाराज से वार्ता करते स्वामी कमलानंद और अन्य

सोमवार को स्वामी कमलानंद वृंदावन पहुंचे। इस दौरान परिक्रमा मार्ग पर गुजरते समय गंदगी के ढेर देखकर कड़ी नाराजगी जताई। इसके बाद सुखधाम आश्रम में अ-सरकारी असरकारी स्वाभिमानी अभियान, यूएनएसीसी की ओर से आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए स्वामी कमलानंद ने भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि में पीएम मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को पलीता लगाए जाने पर रोष प्रकट किया। कहा कि वृंदावन की परिक्रमा करने से भक्त आंतरिक शांति प्राप्त करते हैं। लेकिन गंदगी देखकर भक्तों की आस्था पर ठेस पहुंचती है। निर्णय लिया गया कि सोमवार सायं और मंगलवार को स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। स्वामी कमलानंद ने गोवंश के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए गौशालाओं को स्वावलंबन बनाने पर जोर दिया। गाय के पंचगव्य पर आधारित उत्पाद बनाए जाने चाहिए।

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सुखधाम आश्रम वृंदावन के बलरामदास महाराज ने कहा कि वृंदावन की परिक्रमा भगवान श्रीकृष्ण की आराधना और आध्यात्मिकता के लिए जाना जाता है। वृदावन के दर्शन कर यहां आने वाले भक्तों को संतोष और आध्यात्मिकता का अनुभव होता है। इस मौके पर यूएनएसीसी ग्लोबल चेयरमैन डा रजत शर्मा, राम अवतार, वृजगोपाल सिंह, डा बीजी सिंह, संजीव आर्य, डा हरीश, अरिहंत जैन, लक्ष्मी नारायण सारस्वत, राजीव मिश्रा, अर्चना श्रीवास्तव, आदि मौजूद रहे।