महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा में सेना के तीनों अंगों ने बाढ़ राहत कार्य किया

  • भारतीय सेना के कार्यबलों ने महाराष्ट्र के तीन सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में राहत और बचाव कार्य संचालित किया
  • भारतीय नौसेना की टीमों ने कर्नाटक में 200 से अधिक लोगों को निकाला
  • भारतीय वायु सेना द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ के लगभग 400 राहतकर्मियों को पहुंचाया गया

नई दिल्ली : सेना के तीनों अंग महाराष्ट्र, कर्नाटक और गोवा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिक प्रशासन आैर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं। महाराष्ट्र के रत्नागिरी, कोल्हापुर और सांगली जिलों के प्रशासन के साथ करीबी समन्वय बनाकर भारतीय सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में इन्फैंट्री, इंजीनियर्स, संचार, रिकवरी और मेडिकल टीमों सहित अपनी टास्कफोर्सेज़ को तैनात किया है। इन टीमों ने चिपलून, शिरोल, हाटकंगल, पलुस और मिराज क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के साथ कई लोगों की जानें बचाईं।

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कर्नाटक में भारतीय नौसेना ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए नौसेना के गोताखोरों, रबर ‘जेमिनी’ नावों, लाइफ जैकेट और चिकित्सा उपकरणों के साथ सात बाढ़ राहत दलों की तैनाती की। इन टीमों ने कादरा बांध के पास सिंगुड्डा और भैरे गांवों से 165 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला, जबकि 70 लोगों को कैगा के निचले इलाकों से निकाला गया।

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नौसेना के सीकिंग, एडवांस लाइट हेलीकॉप्टर और भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने अनेक उड़ानें भरीं और जल स्तर में अचानक और तेज वृद्धि के कारण फंसे लोगों की जान बचाई। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी किया ताकि वरिष्ठ अधिकारी स्थिति का आकलन कर सकें और बचाव और राहत कार्यों की योजना बना सकें।

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राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के लगभग 400 कर्मियों को भारतीय वायु सेना के विमानों ने भुवनेश्वर, कोलकाता और वडोदरा से पुणे, कोल्हापुर और महाराष्ट्र के रत्नागिरी और गोवा 40 टन बचाव उपकरणों के साथ एयरलिफ्ट किया।

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सेना के तीनों अंगों की टीमें बाढ़ प्रभावित स्थानीय लोगों को भोजन, पानी, चिकित्सा मुहैया कराने के अलावा उन्हें बचाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।