सतत विकास की ओर युवाओं की बढ़ती भूमिका

हिमशिखर खबर ब्यूरो

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नई टिहरी: आज के इस दौर में जहाँ ज्यादातर लोग अपनी भाग दौड़ भरे जीवन में व्यस्त है। इसी दौर में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो पृथ्वी के संरक्षण को ही अपना जीवन मानते हैं। यह कहना बिलकुल भी गलत नहीं होगा की हमारे बीच कुछ ऐसे भी लोग हैं जो प्रकृति के प्रति अपने बलिदान के लिए सदैव तत्पर रहते है।

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्ववद्यालय के छात्र आयुष वर्मा के द्वारा प्रकृति संरक्षण हेतु निरंतर प्रयास देखने को मिला करता है। वह विश्वविद्यालय परिसर टिहरी में रसायन विभाग के स्नातकोत्तर के छात्र हैं तथा एक युवा पर्यावरणविद् भी हैं। इनके द्वारा पहाड़ को प्लास्टिक प्रदुषण से बचाने के लिए जिला टिहरी गढ़वाल में सैकड़ों अभियान निकले जा चुके हैं। एक वक्तव्य में उन्होंने बताया की उन्होंने युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के माध्यम से तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व भी किया है।

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हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय युवा महोत्सव 2024 नासिक, महाराष्ट्र में भी उत्तराखंड की तरफ से उनकी भागीदारी देखने को मिली थी। उनका कहना है की आज के इस दौर में युवा शक्ति तेज़ी से सतत्त विकास की ओर बढ़ रही है। महोत्सव में उत्तराखंड के टिमरू, भीमल तथा कंडाली लोगों के बीच में एक विशेष चर्चा का केंद्र बना रहा की कैसे इनका उपयोग करके हम शून्य कार्बन उत्सर्जन की तरफ आगे बढ़ सकते है। हम सभी को अपनी पहाड़ की मूल वस्तुओं का उपयोग करने से पीछे नहीं रहना चाहिए।