बेटे के लिए मां का त्याग:बेटे को लखनऊ से टिकट मिल जाए, इसके लिए सांसदी छोड़ने को तैयार रीता बहुगुणा जोशी

बीजेपी सांसद रीता बहुगुणा जोशी का कहना है कि उनके बेटे मयंक जोशी 2009 से काम कर रहे हैं और उन्होंने लखनऊ कैंट से टिकट के लिए आवेदन किया है। लेकिन अगर पार्टी ने प्रति परिवार केवल 1 व्यक्ति को टिकट देने का फैसला किया है, तो मयंक को टिकट मिलने पर मैं अपनी वर्तमान लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दूंगी।


नई दिल्ली

Uttarakhand

यूपी विधानसभा की वोटिंग में अब कुछ ही समय बचा है. इसी बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की बेटी तथा उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की बहन प्रो. रीता बहुगुणा जोशी का एक बड़ा बयान सामने आया है. उत्तर प्रदेश चुनाव में अपने बेटे मयंक जोशी को विधानसभा का टिकट दिलाने के लिए रीता बहुगुणा जोशी अपनी लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने के लिए भी तैयार हैं. उन्होंने अपनी इस मांग को लेकर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा को एक पत्र भी लिखा है. हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि फिलहाल वो बीजेपी में ही हैं और वहीं रहेंगी.

Uttarakhand UttarakhandUttarakhand
Uttarakhand Uttarakhand

रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि यदि पार्टी को लगता है कि मेरे सांसद होने की वजह से मेरे बेटे को टिकट नहीं मिलेगा तो मैं अपनी लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने को तैयार हूं. उन्होंने कहा, “पार्टी को इस उलझन से निकालने के लिए पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखकर साफ किया है कि मैं अपनी सदस्यता से इस्तीफा देने को तैयार हूं.” इस दौरान उन्होंने साफ किया कि फिलहाल मैं पार्टी में हूं और पार्टी में ही रहूंगी. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मैंने पहले ही 2024 का चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर रखी है. अब मैं सासंदी छोड़कर पार्टी का काम करना चाहती हूं.