आज मासिक शिवरात्रि और वृषभ संक्रांति का शुभ मुहूर्त, योग, पंचांग देखें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है. आज 15 मई को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी मासिक शिवरात्रि और वृषभ संक्रांति है.

आज का भगवद् चिंतन

चिंतनशील बनें

जीवन में केवल चिंता करने मात्र से कठिनाइयाँ हल नहीं हो जाती हैं। चिंता हमारे चिंतन की क्षमता को अवरुद्ध कर देती है और यही अवरोध तो हमारे जीवन में दुःखों का मूल कारण भी बन जाता है। चिंता करने मात्र से किसी समस्या का समाधान तो नहीं हो पाता लेकिन मन की शांति अवश्य भंग हो जाती है।

चिंताग्रस्त मस्तिष्क गेहूँ में घुन लगे उस दाने के समान होता है, जो बाहर से साबुत दिखते हुए भी अंदर से खोखला हो जाता है। चिंतन मुक्त व्यक्ति एक बार नहीं आजीवन चिंता की अग्नि में जलता रहता है।किसी भी समस्या के आ जाने पर उसके समाधान के लिए विवेकपूर्ण निर्णय, सद् चिंतन हमें प्रदान करता है।

चिंतनशील व्यक्ति के लिए कोई न कोई मार्ग अवश्य मिल ही जाता है। जिसके पास विवेक है, वह समस्या के आगे से हटता नहीं अपितु डटता है। जीवन में किसी भी समस्या का डटकर मुकाबला करना आधी सफलता प्राप्त कर लेना भी है। जीवन में विवेक की चाबी से समस्या के ताले अवश्य खुल जाते हैं।

श्री सालासर बालाजी मंदिर

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय05:43 ए एमसूर्यास्त07:14 पी एम
चन्द्रोदय04:54 ए एम, मई 16चन्द्रास्त05:41 पी एम
पञ्चाङ्ग
तिथित्रयोदशी – 08:31 ए एम तकनक्षत्रअश्विनी – 08:14 पी एम तक
चतुर्दशी – 05:11 ए एम, मई 16 तकभरणी
अमावस्याकरणवणिज – 08:31 ए एम तक
योगआयुष्मान् – 02:21 पी एम तकविष्टि – 06:54 पी एम तक
सौभाग्यशकुनि – 05:11 ए एम, मई 16 तक
वारशुक्रवारचतुष्पाद
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 रौद्रबृहस्पति संवत्सररौद्र – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासज्येष्ठ – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते1वैशाख – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिमेषनक्षत्र पदअश्विनी – 09:28 ए एम तक
सूर्य राशिमेष – 06:28 ए एम तकअश्विनी – 02:52 पी एम तक
वृषभअश्विनी – 08:14 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रकृत्तिकाभरणी – 01:35 ए एम, मई 16 तक
सूर्य नक्षत्र पदकृत्तिका – 06:28 ए एम तकभरणी
कृत्तिका  
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुग्रीष्मदिनमान13 घण्टे 30 मिनट्स 53 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुवसन्तरात्रिमान10 घण्टे 28 मिनट्स 33 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:29 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:19 ए एम से 05:01 ए एमप्रातः सन्ध्या04:40 ए एम से 05:43 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:02 पी एम से 12:56 पी एमविजय मुहूर्त02:44 पी एम से 03:38 पी एम
गोधूलि मुहूर्त07:13 पी एम से 07:34 पी एमसायाह्न सन्ध्या07:14 पी एम से 08:17 पी एम
अमृत काल01:44 पी एम से 03:11 पी एमनिशिता मुहूर्त12:07 ए एम, मई 16 से 12:49 ए एम, मई 16
सर्वार्थ सिद्धि योग05:43 ए एम से 08:14 पी एम

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