सुप्रभातम्: अधिक मास में करें दीपदान, मिलेगा ढेर सारा पुण्य

मलमास जिसे अधिकमास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। मलमास का आरंभ 18 जुलाई से हो गया है। ऐसे में इस बाार आपको सावन में भगवान शिव के साथ साथ भगवान विष्णु की कृपा भी प्राप्त होगी। यूं तो दीपक रोजाना ही जलाना चाहिए। लेकिन, मलमास में दीप दान करने से अधिक लाभ मिलता है। मान्यता है कि दीपक जलाने से हमारे मन के भीतर का अंधकार दूर होता है।


हिमशिखर धर्म डेस्क

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भारतीय संस्कृति में धार्मिक,सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलित करने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि अग्निदेव को साक्षी मानकर उसकी उपस्थिति में किया गया कोई भी शुभ कार्य अवश्य सफल होता है।शास्त्रों के अनुसार अग्नि पृथ्वी पर सूर्य का परिवर्तित रूप है, इसलिए किसी भी देवी-देवता के पूजन के समय ऊर्जा को केन्द्रीभूत करने के लिए दीपक प्रज्ज्वलित किया जाता है। मलमास में दीपक का दान करने का विशेष महत्व है। दीपदान करने का मतलब है घरों और मंदिरों में दीपक लगाना। ऐसी मान्यता है कि मलमास या अधिक मास में दीपदान करने से जातक के जीवन की परेशानियां समाप्त हो सकती हैं। साथ ही जीवन का अंधकार मिटता है।

दीपक के फायदे
पूजा में घी या तेल के दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, घर के सदस्यों को यश एवं प्रसिद्धि मिलती है। वास्तु नियमों के अनुसार अखंड दीपक पूजा स्थल के आग्नेय कोण में रखा जाना चाहिए,इस दिशा में दीपक रखने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है तथा घर में सुख-समृद्धि का निवास होता है। दीप ज्योति से समस्त पाप नष्ट होकर जीवन में सुख-समृद्धि, आयु, आरोग्य एवं सुखमय जीवन में वृद्धि होती। गाय के घी का दीपक जलाने से आसपास का वातावरण रोगाणु मुक्त होकर शुद्ध हो जाता है। पूजा अर्चना करते वक्त दीपक जलाने के पीछे भी यही उद्देश्य होता है कि प्रभु हमारे मन से अज्ञान रूपी अन्धकार को दूर करके ज्ञान रूपी प्रकाश प्रदान करें। जिन घरों में रोज सुबह-शाम नियमित रूप से दीपक जलाया जाता है,वहां सकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है। दीपक के धुएं से वातावरण में मौजूद हानिकारक सूक्ष्म कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। दीपक अंधकार और नकारात्मकता को मिटाकर प्रकाश फैलाता है, इसी वजह से घर में सुबह-शाम दीपक का प्रकाश फैलाना चाहिए। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बना रहता हैै।

कैसे और कहां जलाएं दीपक
दीपक जलाते समय उसे कभी भी सीधे जमीन पर नहीं रखना चाहिए। दीपक रखने के लिए पहले किसी अन्न जैसे जौ,चावल या गेहूं की ढेरी बना लें उसके ऊपर दीपक रखें। ध्यान रखें कि पूजा के बीच में दीपक बुझना नहीं चाहिए। दीपक देवी-देवताओं की प्रतिमा के ठीक सामने लगाना शुभ माना गया है। ध्यान रखें कि यदि मिटटी का दीप जला रहें हैं तो दीप साफ़ हो और कहीं से टूटे हुए न हो। किसी भी पूजा में टूटा हुआ दीपक अशुभ और वर्जित माना गया है।

दीपक जलाते समय मंत्र
दीपक जलाते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए।
मंत्र- शुभम करोति कल्याणं, आरोग्यं धन संपदाम्, शत्रु बुद्धि विनाशाय, दीप ज्योति नमोस्तुते।

इस मंत्र का सरल अर्थ यह है कि शुभ और कल्याण करने वाली,आरोग्य और धन संपदा देने वाली, शत्रु बुद्धि का विनाश करने वाली दीपक की ज्योति को नमस्कार है।

घी के दीपक का अलग ही महत्व 

देशी घी के दीये वातावरण के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. आजकल महंगाई के दौर में देशी घी के दीपक जलाना सबके लिए आसान नहीं है. खासकर गाय के घी से दीये जलाना वातावरण को रोगाणुमुक्त रखता है। गाय के देसी घी से दीपक जलाने पर वातावरण शुद्ध रहता है। डॉक्टर बताते हैं कि वातावरण साफ रखने से हमारा इम्यून सिस्टम भी बेहतर रहता है और व्यक्ति निरोगी रहता है।

अधिक मास दीपदान के लाभ

  • अधिक महीने में क्या हुआ दीपदान किसी भी तीर्थ स्थान में किए गए दान से ज्यादा पुण्य प्रदान करता है।
  • मलमास में दीपदान करने से धन-धान्य ऐश्वर्या पुत्र पौत्र एवं समृद्धि प्राप्त होती है।
  • पुरुषोत्तम मास में दीपदान करने से विवाह में हो रही देरी और पढ़ाई में आ रही परेशानियों को दूर करने में सहायता मिल सकती है।
  • अधिक मास में दीपदान करने से मोक्ष की इच्छा करने वालों को मोक्ष की प्राप्ति में सहायक होती हैं।
  • अधिक मास में महीना भर दीपदान करता है या अखंड दीप दान करता है उसके पुण्य की तो कल्पना भी नहीं की जा सकती।

FAQ’s on Adhik mass deepdan

Q1. 2023 में अधिक मास दीपदान कब करें?

A1. 2023 में अधिक महीने में मंगलवार 18 जुलाई 2023 से लेकर 16 अगस्त 2023 कभी भी दीपदान कर सकते हैं।

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Q2. मलमास दीपदान कैसे करना चाहिए ?

A2. दीया में तिल का तेल या गाय के दूध से बने घी भर कर दीप जलाकर दान करना चाहिए।

Q3. पुरुषोत्तम मास दीपदान करने से क्या होता है ?

A3. पुरुषोत्तम भगवान की कृपा प्राप्त होती है और 5 प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है।

Q4. मलमास कितने साल बाद लगता है?

A4. 3 सालों में लगता है।

Q5. मलमास में और क्या दान करना चाहिए?

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A5. मलमास में दीप, वस्त्र, अन्न आदि वस्तुओं के दान कर सकते हैं