पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है. आज चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। साथ ही आज अष्टमी कन्या पूजन भी की जाएगी। आज ही चैत्र शुक्ल नवमी के अवसर पर ‘श्री राम नवमी’ का पावन पर्व मनाया जाएगा। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जन्मोत्सव का यह दिन अधर्म पर धर्म की विजय और जीवन के सही संचालन का संदेश देता है। आज चंद्रदेव मिथुन राशि और आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे, जिसके स्वामी राहु और देवता ‘रुद्र’ हैं। आर्द्रा नक्षत्र के प्रभाव से आज बौद्धिक क्षमता और कुछ नया सीखने की जिज्ञासा बनी रहेगी।
आज का भगवद् चिन्तन
माँ महागौरी नमोऽस्तुते
नवरात्रि पर्व हिंदू सनातन संस्कृति की विराटता एवं नारी के प्रति उसकी वंदनीय भावना का प्रतीक है। नवरात्रि का पर्व नारी के सम्मान का ही पर्व है। सनातन संस्कृति में नारी को देवी स्वरूपा माना गया है इसलिए नवरात्रि में पूरे नौ दिन नारी के देवी अथवा शक्ति रूप का ही पूजन किया जाता है। नवरात्र का अष्टम दिवस माँ महागौरी को समर्पित है।
महागौरी की पूजा करने वाले देश में आज गर्भ के भीतर गौरी को मारा जा रहा है। पुत्र की चाह में उसकी निर्ममता से हत्या की जा रही है। आज गौरी स्वरूपा बेटी न गर्भ के भीतर सुरक्षित है और न ही गर्भ के बाहर। बेटी, बहन, पत्नी, माता, दादी न जाने कितने रूपों में हमें एक नारी संभालती है।
इन नवरात्रियों में कन्याओं का पूजन करते समय दो संकल्प अवश्य ले लेना। पहला ये कि गर्भ के भीतर किसी गौरी की हत्या नहीं करेंगे और न करने देंगे व स्त्री के प्रति सदैव सम्मान की दृष्टि रखेंगे एवं जीवन के किसी भी सम्बन्ध में नारी हमारे कारण दुःख न पावे, यही वास्तविक महागौरी पूजा होगी।
आज का पंचांग
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
| सूर्योदय | 06:30 ए एम | सूर्यास्त | 06:46 पी एम |
|---|---|---|---|
| चन्द्रोदय | 12:13 पी एम | चन्द्रास्त | 02:39 ए एम, मार्च 27 |
पञ्चाङ्ग
| तिथि | अष्टमी – 11:48 ए एम तक | नक्षत्र | आर्द्रा – 04:19 पी एम तक |
|---|---|---|---|
| नवमी | पुनर्वसु | ||
| योग | शोभन – 12:32 ए एम, मार्च 27 तक | करण | बव – 11:48 ए एम तक |
| अतिगण्ड | बालव – 10:55 पी एम तक | ||
| वार | गुरुवार | कौलव | |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
| विक्रम सम्वत | 2083 सिद्धार्थी | बृहस्पति संवत्सर | सिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक |
|---|---|---|---|
| शक सम्वत | 1948 पराभव | रौद्र | |
| गुजराती सम्वत | 2082 पिङ्गल | चन्द्रमास | चैत्र – पूर्णिमान्त |
| प्रविष्टे/गते | 12 | चैत्र – अमान्त | |
| राजा | गुरु – शासन व्यवस्था के स्वामी | सेनाधिपति | चन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक |
| मन्त्री | मंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी | धान्याधिपति | बुध – रबी की फसलों के स्वामी |
| सस्याधिपति | गुरु – खरीफ की फसलों के स्वामी | मेघाधिपति | चन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी |
| धनाधिपति | गुरु – धन एवं कोष के स्वामी | नीरसाधिपति | गुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी |
| रसाधिपति | शनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी | फलाधिपति | चन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी |
राशि तथा नक्षत्र
| चन्द्र राशि | मिथुन | नक्षत्र पद | आर्द्रा – 10:36 ए एम तक |
|---|---|---|---|
| सूर्य राशि | मीन | आर्द्रा – 04:19 पी एम तक | |
| सूर्य नक्षत्र | उत्तर भाद्रपद | पुनर्वसु – 10:03 पी एम तक | |
| सूर्य नक्षत्र पद | उत्तर भाद्रपद | पुनर्वसु – 03:49 ए एम, मार्च 27 तक | |
| पुनर्वसु |
ऋतु तथा अयन
| द्रिक ऋतु | वसन्त | दिनमान | 12 घण्टे 16 मिनट्स 47 सेकण्ड्स |
|---|---|---|---|
| वैदिक ऋतु | वसन्त | रात्रिमान | 11 घण्टे 42 मिनट्स 04 सेकण्ड्स |
| द्रिक अयन | उत्तरायण | मध्याह्न | 12:38 पी एम |
| वैदिक अयन | उत्तरायण |
शुभ समय
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:56 ए एम से 05:43 ए एम | प्रातः सन्ध्या | 05:19 ए एम से 06:30 ए एम |
|---|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:13 पी एम से 01:03 पी एम | विजय मुहूर्त | 02:41 पी एम से 03:30 पी एम |
| गोधूलि मुहूर्त | 06:45 पी एम से 07:09 पी एम | सायाह्न सन्ध्या | 06:46 पी एम से 07:57 पी एम |
| अमृत काल | 06:50 ए एम से 08:21 ए एम | निशिता मुहूर्त | 12:14 ए एम, मार्च 27 से 01:01 ए एम, मार्च 27 |
| सर्वार्थ सिद्धि योग | 04:19 पी एम से 06:28 ए एम, मार्च 27 | रवि योग | 04:19 पी एम से 06:28 ए एम, मार्च 27 |