आज का पंचांग : लाइफ मैनेजमेंट के 5 सूत्र

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष अष्टमी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, आषाढ़ |आज है दुर्गाष्टमी व्रत|

आज अष्टमी तिथि 02:07 PM तक उपरांत नवमी | नक्षत्र हस्त 01:50 PM तक उपरांत चित्रा | परिघ योग 06:35 PM तक, उसके बाद शिव योग | करण बव 02:07 PM तक, बाद बालव 03:18 AM तक, बाद कौलव | आज राहु काल का समय 02:11 PM – 03:51 PM है | आज 03:19 AM तक चन्द्रमा कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा

  1. विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – आषाढ़
  4. अमांत – आषाढ़

तिथि

  1. शुक्ल पक्ष अष्टमी   – Jul 02 11:58 AM – Jul 03 02:07 PM
  2. शुक्ल पक्ष नवमी   – Jul 03 02:07 PM – Jul 04 04:32 PM

नक्षत्र

  1. हस्त – Jul 02 11:07 AM – Jul 03 01:50 PM
  2. चित्रा – Jul 03 01:50 PM – Jul 04 04:50 PM

सफलता उन लोगों को मिलती है जो बाधाएं आने के बाद भी बिना रुके आगे बढ़ते हैं। जिन लोगों का पूरा ध्यान अपने लक्ष्य पर होता है और जो किसी भी लालच में नहीं उलझते हैं, सफल जरूर होते हैं। ये बात हम एक लोक कथा से समझ सकते हैं।

एक छोटे से गांव में एक किसान बहुत मेहनती था, लेकिन वह लगातार परेशानियों से घिरा रहता था। एक दिन वह गांव के प्रसिद्ध संत के पास गया और बोला, “गुरुदेव, मैं अपने जीवन में कुछ हासिल करना चाहता हूं, लेकिन हर बार जब कोई दिशा मिलती है, तो रास्ते में भटक जाता हूं। छोटे-छोटे कामों में उलझकर मेरा मुख्य काम अधूरा रह जाता है।”

संत मुस्कराए और बोले, “मैं कल तुम्हारे घर आऊंगा, वहीं तुम्हें एक बात समझाऊंगा।” किसान ने सिर झुकाकर उनकी बात मानी और घर लौट आया।

अगले दिन संत उस किसान के घर पहुंचे, लेकिन किसान उस वक्त खेत में था। उसकी पत्नी ने संत का स्वागत किया और आराम से बैठाया। बेटे को भेजा गया कि वह पिता को खेत से बुला लाए।

कुछ ही देर में किसान घर लौट आया, उसके साथ उसका कुत्ता भी था, वह हांफ रहा था। संत उसे ने गौर से देखा और पूछा, “भाई, क्या तुम्हारा खेत बहुत दूर है?”

किसान ने कहा, “नहीं गुरुदेव, खेत तो पास ही है। आप ऐसा क्यों पूछ रहे हैं?”

संत ने कहा, “फिर तुम्हारा कुत्ता इतना थका हुआ क्यों है, जबकि तुम बिल्कुल सामान्य लग रहे हो?”

किसान हंसते हुए बोला, “गुरुदेव, मैं तो सीधे रास्ते से आया हूं, लेकिन मेरा कुत्ता हर मोड़ पर दूसरे कुत्तों को देखकर दौड़ता, भौंकता और लड़ता आया है। वह बार-बार अपने रास्ते से भटकता रहा, इसलिए इतनी थकावट है।”

संत ने गंभीर स्वर में कहा, “यही तो जीवन का सच है। जब हम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं, तब रास्ते में अनेक ‘भटकाव’ आते हैं, लोभ, क्रोध, ईर्ष्या, और आलस। अगर हम हर छोटी बात पर प्रतिक्रिया देते रहेंगे, तो थक जाएंगे और लक्ष्य तक कभी नहीं पहुंच पाएंगे।”

“तुम्हारा लक्ष्य खेत से घर आना था, तुमने ध्यान रखा, सीधा चले, और बिना थके पहुंचे। कुत्ते ने हर व्यर्थ चीजों में उलझकर अपनी शक्ति गंवा दी। जीवन में भी अगर हम केवल अपने लक्ष्य पर ध्यान रखें और बाकी चीजों को अनदेखा करना सीख जाएं तो सफलता बहुत जल्दी मिलती है।”

किसान की आंखों में समझ की चमक थी। वह चुपचाप सिर झुकाकर बोला, “मैं समझ गया, गुरुदेव।”

लाइफ मैनेजमेंट के 5 सूत्र

लक्ष्य पर केंद्रित रहना जरूरी है

संत ने किसान को समझाया कि ध्यान सिर्फ लक्ष्य पर देना चाहिए। जैसे किसान सीधे रास्ते से आया और थका नहीं, वैसे ही हमें भी जीवन में सीधा रास्ता चुनकर लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।

व्यर्थ की बातों में न उलझें

किसान का कुत्ता रास्ते में दूसरे कुत्तों से उलझता रहा और थक गया। यही हाल हमारा भी होता है जब हम अनावश्यक विवादों में उलझते हैं और लक्ष्य से दूर हो जाते हैं।

समय की बर्बादी से बचें

इधर-उधर दौड़ने से लक्ष्य की दूरी और बढ़ जाती है। हर बार जब हम लक्ष्य से भटकते हैं, तो न केवल ऊर्जा जाती है, बल्कि समय भी नष्ट होता है।

लालच और प्रलोभन से दूर रहें

संत ने स्पष्ट कहा कि काम के दौरान कई लालच सामने आएंगे। यदि हम इन प्रलोभनों में फंसते हैं तो हमारी ऊर्जा बंट जाती है और मंजिल दूर हो जाती है।

धैर्य और निरंतरता जरूरी है

संत की सीख यह भी है कि जो व्यक्ति बिना थके, बिना भटके, निरंतर प्रयास करता रहता है, वही सफल होता है। हमें धैर्य बनाए रखना चाहिए और अपने काम में निरंतरता बनाए रखनी चाहिए।

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