आज का पंचांग: कुसंग का त्याग करें

पंडित उदय शंकर भट्ट

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आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है। आज रविवार का दिन है। यह दिन पूर्ण रूप से भगवान सूर्य को समर्पित है। ऐसा माना जाता कि जो साधक इस दिन भाव के साथ पूजा-पाठ करते हैं, उन्हें बुद्धि, ज्ञान, सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही जीवन में शुभता आती है।

बुढ़ापे में शरीर में जो भी खतरे होते हैं, उनके अलावा एक खतरा है अधिक लाड़ करने का। भारत के कई घरों में बुजुर्ग पीढ़ी- जो दादा-दादी, नाना-नानी बन चुके हैं, मध्य पीढ़ी – जो अभी माता-पिता बने हुए हैं, और सबसे छोटे यानी बच्चे – तीनों आमने-सामने हो गए हैं।

मामला है अधिक लाड़ का। बच्चे देखते हैं कि हमें लाड़ के मामले में ये दो पीढ़ियां आपस में उलझ रही हैं, तो वो इसका फायदा उठाते हैं, जिसका भविष्य में नुकसान होता है। इसमें सबसे अधिक बात बुजुर्गों को समझनी है कि एक्शन-बेस्ड एडवाइस न दें। जीवनशैली बदल चुकी है।

अब जो माता-पिता हैं, वे अपने बच्चों का लालन-पालन वैसा नहीं करेंगे, जैसा आपने उनका किया। लेकिन वैल्यू-बेस्ड सलाह देते रहिए। मूल्य और संस्कार बुजुर्ग पीढ़ी के पास अधिक हैं, और वे इन्हें दे भी सकते हैं। पहले 80% नियम सुधारने के और 20% गतिविधियां बिगाड़ने की होती थीं।

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अब यह उल्टा हो गया है। तो वृद्धों के रूप में आप केवल पॉजिटिव एनर्जी अपने बच्चों के बच्चों में डाल दीजिए। उनके लालन-पालन के नियम-कायदे उनके माता-पिता तय करते रहेंगे।

आज का भगवद् चिन्तन

कुसंग का त्याग करें

कुसंग के प्रभाव से हमारा भजन उसी तरह नष्ट हो जाता है जिस तरह पाले के प्रभाव से हरी-भरी बेल सूखकर धीरे-धीरे नष्ट हो जाती है। हम कितना भी भजन कर लें, सत्संग कर लें लेकिन निरंतर कुसंग का सेवन करते रहें तो सुना हुआ, पढ़ा हुआ, और जाना हुआ कोई भी सुविचार आचरण में नहीं उतर पायेगा।

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जीवन के उत्थान के लिए यदि सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण कोई बात है तो वो है हमारा संग।धनवान के संग से धनोपार्जन के विभिन्न साधनों का ज्ञान हो जाता है, जो धनवान बना सकता है। ऐसे ही ज्ञानवान बनने के लिए ज्ञानी जनों का और धर्मवान बनने के लिए धर्मनिष्ठ महापुरुषों का संग आवश्यक हो जाता है। संग के प्रभाव से तो तोता भी राम – राम रटने लग जाता है।

सूर्योदय और चंद्रोदय

सूर्योदय05:59 पूर्वाह्न
सूर्यास्त06:10 अपराह्न
चंद्रोदय02:16 पूर्वाह्न, 24 मार्च
चंद्रास्त11:50 पूर्वाह्न

कैलेंडर

तिथिनवमी तिथि 05:37 AM, मार्च 24 तक
नक्षत्रपूर्वा आषाढ़ 04:18 AM, मार्च 24 तक
दशमी
उत्तरा आषाढ़
योगवारियाना 05:59 PM तक
करणतैतिला 05:36 PM तक
परिघ
गैराज 05:37 AM, मार्च 24 तक
काम करने के दिनरविवार
वानिया
पक्षकृष्ण पक्ष

चन्द्र मास, संवत और बृहस्पति संवत्सर

विक्रम संवत2081 पिंगला
संवत्सरपिंगला 02:14 PM, अप्रैल 29, 2024 तक
शक संवत1946 क्रोध
कलायुक्त
गुजराती संवत2081 नाला
चन्द्रमासाचैत्र – पूर्णिमांत
दायाँ/गेट10
फाल्गुन – अमंता

राशि और नक्षत्र

राशिधनुराशि
नक्षत्र पदपूर्वा आषाढ़ 09:41 AM तक
सूर्य राशिमीन
पूर्वा आषाढ़ 03:56 PM तक
सूर्य नक्षत्रउत्तरा भाद्रपद
पूर्वा आषाढ़ रात्रि 10:09 बजे तक
सूर्य पदउत्तरा भाद्रपद
पूर्वा आषाढ़ 04:18 AM, मार्च 24 तक
उत्तरा आषाढ़