आज का पंचांग : श्रेष्ठ पथ को ही चुनें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

आज का भगवद् चिंतन
श्रेष्ठ पथ को ही चुनें

हमारे पास पद छोटा अथवा बड़ा कोई भी हो लेकिन पथ श्रेष्ठ ही होना चाहिए ये महत्वपूर्ण है। जीवन में पद से ज्यादा महत्व पथ का है इसलिए पदच्युत हो जाना लेकिन भूलकर भी कभी पथच्युत मत हो जाना। पथच्युत हो जाना अर्थात उस पथ का त्याग कर देना जो हमें सत्य और नीति के मार्ग से जीवन की ऊंचाईयों तक ले जाता है। पथच्युत होने का अर्थ है, जीवन की असीम संभावनाओं की ओर बढ़ते हुए कदमों का विषय वासनाओं की दलदल में फँस जाना।

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय06:12 ए एमसूर्यास्त06:55 पी एम
चन्द्रोदय02:57 ए एम, अप्रैल 12चन्द्रास्त12:47 पी एम
पञ्चाङ्ग
तिथिनवमी – 12:37 ए एम, अप्रैल 12 तकनक्षत्रउत्तराषाढा – 01:39 पी एम तक
दशमीश्रवण
योगसिद्ध – 06:39 पी एम तककरणतैतिल – 12:01 पी एम तक
साध्यगर – 12:37 ए एम, अप्रैल 12 तक
वारशनिवारवणिज
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 सिद्धार्थीबृहस्पति संवत्सरसिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासवैशाख – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते28चैत्र – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिमकरनक्षत्र पदउत्तराषाढा – 07:10 ए एम तक
सूर्य राशिमीनउत्तराषाढा – 01:39 पी एम तक
सूर्य नक्षत्ररेवतीश्रवण – 08:07 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदरेवतीश्रवण – 02:32 ए एम, अप्रैल 12 तक
  श्रवण
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान12 घण्टे 42 मिनट्स 50 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुवसन्तरात्रिमान11 घण्टे 16 मिनट्स 06 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:33 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:42 ए एम से 05:27 ए एमप्रातः सन्ध्या05:04 ए एम से 06:12 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:08 पी एम से 12:59 पी एमविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:31 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:54 पी एम से 07:16 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:55 पी एम से 08:02 पी एम
अमृत काल06:40 ए एम से 08:25 ए एमनिशिता मुहूर्त12:10 ए एम, अप्रैल 12 से 12:55 ए एम, अप्रैल 12
04:09 ए एम, अप्रैल 12 से 05:51 ए एम, अप्रैल 12  
सर्वार्थ सिद्धि योग01:39 पी एम से 06:11 ए एम, अप्रैल 12

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