पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है
आज का पंचांग
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
| सूर्योदय | 06:11 ए एम | सूर्यास्त | 06:55 पी एम |
|---|---|---|---|
| चन्द्रोदय | 03:31 ए एम, अप्रैल 13 | चन्द्रास्त | 01:46 पी एम |
पञ्चाङ्ग
| तिथि | दशमी – 01:16 ए एम, अप्रैल 13 तक | नक्षत्र | श्रवण – 03:14 पी एम तक |
|---|---|---|---|
| एकादशी | धनिष्ठा | ||
| योग | साध्य – 06:16 पी एम तक | करण | वणिज – 01:02 पी एम तक |
| शुभ | विष्टि – 01:16 ए एम, अप्रैल 13 तक | ||
| वार | रविवार | बव | |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
| विक्रम सम्वत | 2083 सिद्धार्थी | बृहस्पति संवत्सर | सिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक |
|---|---|---|---|
| शक सम्वत | 1948 पराभव | रौद्र | |
| गुजराती सम्वत | 2082 पिङ्गल | चन्द्रमास | वैशाख – पूर्णिमान्त |
| प्रविष्टे/गते | 29 | चैत्र – अमान्त | |
| राजा | गुरु – शासन व्यवस्था के स्वामी | सेनाधिपति | चन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक |
| मन्त्री | मंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी | धान्याधिपति | बुध – रबी की फसलों के स्वामी |
| सस्याधिपति | गुरु – खरीफ की फसलों के स्वामी | मेघाधिपति | चन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी |
| धनाधिपति | गुरु – धन एवं कोष के स्वामी | नीरसाधिपति | गुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी |
| रसाधिपति | शनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी | फलाधिपति | चन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी |
राशि तथा नक्षत्र
| चन्द्र राशि | मकर – 03:44 ए एम, अप्रैल 13 तक | नक्षत्र पद | श्रवण – 08:54 ए एम तक |
|---|---|---|---|
| कुम्भ | श्रवण – 03:14 पी एम तक | ||
| सूर्य राशि | मीन | धनिष्ठा – 09:30 पी एम तक | |
| सूर्य नक्षत्र | रेवती | धनिष्ठा – 03:44 ए एम, अप्रैल 13 तक | |
| सूर्य नक्षत्र पद | रेवती | धनिष्ठा |
ऋतु तथा अयन
| द्रिक ऋतु | वसन्त | दिनमान | 12 घण्टे 44 मिनट्स 25 सेकण्ड्स |
|---|---|---|---|
| वैदिक ऋतु | वसन्त | रात्रिमान | 11 घण्टे 14 मिनट्स 31 सेकण्ड्स |
| द्रिक अयन | उत्तरायण | मध्याह्न | 12:33 पी एम |
| वैदिक अयन | उत्तरायण |
शुभ समय
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:41 ए एम से 05:26 ए एम | प्रातः सन्ध्या | 05:03 ए एम से 06:11 ए एम |
|---|---|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | 12:08 पी एम से 12:59 पी एम | विजय मुहूर्त | 02:41 पी एम से 03:31 पी एम |
| गोधूलि मुहूर्त | 06:54 पी एम से 07:17 पी एम | सायाह्न सन्ध्या | 06:55 पी एम से 08:03 पी एम |
| अमृत काल | 05:18 ए एम, अप्रैल 13 से 06:57 ए एम, अप्रैल 13 | निशिता मुहूर्त | 12:10 ए एम, अप्रैल 13 से 12:55 ए एम, अप्रैल 13 |
आज का भगवद् चिंतन
स्वयं को पहचान लो
जीवन के इस कर्मपथ पर दूसरे आपको केवल मार्ग दिखा सकते हैं, लेकिन उस पर चलना तो स्वयं आपको ही होगा। इस पूरी दुनिया में केवल एक ही इन्सान आपकी तकदीर बदल सकता है। इस पूरी दुनिया में केवल एक व्यक्ति ही आपके प्रत्येक प्रश्न का उत्तर और आपकी सभी समस्या का हल निकाल सकता है, वो कोई दूसरा नहीं केवल और केवल आप ही हो। केवल आप ही वो व्यक्ति हो जिसके पास आपकी प्रत्येक समस्या का समाधान है।
आप ही इस दुनिया के वो इकलौते व्यक्ति हैं, जो आपकी तकदीर बदलने की सामर्थ्य रखता है और आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। आप ही इस दुनिया के वो एकमात्र व्यक्ति हैं, जो आपके जीवन को आनंदमय बना सकता है। कभी आप उस व्यक्ति को खोज रहे हों जो सभी प्रकार से आपको संभाल सके तो धीरे से उठकर आइने के सामने चले जाना आपको स्वतः अपने सभी प्रश्नों के उत्तर मिल जायेंगे।