आज का पंचांग : शुभ धनतेरस

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है। पाँच दिवसीय त्यौहारों की श्रृंखला में आज प्रथम त्योहार “धनतेरस” की आपको एवं आपके समस्त परिवार को बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं

सेहत सबसे बड़ा धन, इसलिए धन्वंतरि की पूजा

आमतौर पर लोग धनतेरस को पैसों से जोड़कर देखते हैं, लेकिन ये आरोग्य नाम के धन का त्योहार है। पूरे साल अच्छी सेहत के लिए इस दिन आयुर्वेद के भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है। विष्णु पुराण में निरोगी काया को ही सबसे बड़ा धन बताया है।

सेहत ही ठीक न हो तो पैसों का सुख महसूस नहीं होता, इसलिए धन्वंतरि पूजा की परंपरा शुरू हुई। धन्वंतरि त्रयोदशी तिथि पर अमृत कलश के साथ निकले थे, यानी समुद्र मंथन का फल इसी दिन मिला। इसलिए दिवाली का उत्सव यहीं से शुरू हुआ।

कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वादशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, आश्विन |आज है प्रदोष व्रत और धनतेरस|

आज द्वादशी तिथि 12:19 PM तक उपरांत त्रयोदशी | नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 03:41 PM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी | ब्रह्म योग 01:47 AM तक, उसके बाद इन्द्र योग | करण तैतिल 12:19 PM तक, बाद गर 01:03 AM तक, बाद वणिज | आज राहु काल का समय 09:00 AM – 10:36 AM है | आज 10:11 PM तक चन्द्रमा सिंह उपरांत कन्या राशि पर संचार करेगा


आज का भगवद् चिन्तन
शुभ धनतेरस

जीवन में दैवीयता हो तो स्वयं भगवान भी हमारी सहायता के लिए अपने आपको प्रस्तुत कर देते हैं। देवताओं की कार्य सिद्धि के लिए भगवान श्रीविष्णु के धन्वंतरि रूप में समुद्र में से अमृत कलश लेकर प्रकट होने का पावन दिवस ही धन त्रयोदशी के रूप में मनाया जाता है। आज के दिन नईं वस्तुएं खरीदने का भी प्रचलन है। घर में नया सामान आए ये अच्छी बात है, लेकिन हमारे जीवन में कुछ नये विचार, नया उत्साह, नये संकल्प और नया सृजन आए यह भी आवश्यक है।

वैष्णवों के जीवन का परम धन तो श्री लाडली-लाल जू सरकार के चरण एवं जीवन का रस ही उन युगल चरणों की भक्ति है। जहाँ युगल किशोर के चरण रुपी धन एवं उनकी भक्ति रूपी रस है, वहीं वैष्णव जनों का धनतेरस है। बाहर से हमारा घर-द्वार सजे ये अच्छी बात है पर भीतर से हमारा मन भी नवीन एवं सुंदर विचारों से व प्रभु भक्ति से सुसज्जित हो यही इस पावन पर्व की सार्थकता है।

धनतेरस का पावन पर्व आप सभी लिए शुभ एवं मंगलमय हो।

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