आज का पंचांग : श्रीकृष्ण तत्व श्रीराधा जी

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

Aaj Ka Panchang (September 21, 2026) – भाद्रपद शुक्ल पक्ष दशमी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, भाद्रपद.

आज दशमी तिथि 08:01 PM तक उपरांत एकादशी | नक्षत्र उत्तराषाढ़ा. शोभन योग 04:05 PM तक, उसके बाद अतिगण्ड योग. करण तैतिल 06:59 AM तक, बाद गर 08:01 PM तक, बाद वणिज. आज राहु काल का समय 07:49 AM – 09:19 AM है. आज 11:14 AM तक चन्द्रमा धनु उपरांत मकर राशि पर संचार करेगा.

आज का भगवद् चिन्तन

श्रीकृष्ण तत्व श्रीराधा जी

श्रीराधा तत्व से ही श्रीकृष्ण परिपूर्ण हुए हैं। एक मात्र राधा तत्व ही है जो उस पूर्ण पुरुषोत्तम को भी परिपूर्ण बनाता है, इसलिए ही संतो ने गाया है कि-
तत्वन के तत्व जग जीवन श्रीकृष्ण चन्द्र।
कृष्ण हू को तत्व वृषभानु की किशोरी है॥

श्रीराधा तत्व न होता तो श्रीकृष्ण का हास विलास न होता और उससे भी बड़ी बात कि यदि श्रीराधा तत्व न होता तो उन श्रीकृष्ण का महारास न होता। रस स्वरूपिणी श्रीराधा रानी से ही तो रास का जन्म हुआ है। राधा तत्व है तो बृज के कण-कण में रस है। राधा तत्व है तो बृज की लता-पता में रस है और राधा तत्व है तो बृज की रज-रेणु में भी रस है।

जिन राधा के पद चापन के प्रभाव से वो श्रीकृष्ण भी ब्रज की ठकुराई पा गये, जिन राधा के पद रेणु के श्रृंगार से उद्धव जैसे ज्ञानी भी अपने आप को धन्य अनुभव करने लगे और समस्त सिद्धियाँ भी जिन राधा रानी के चरणों की दासी बन गयी ऐसी ब्रज ठकुरानी श्रीराधा रानी के तत्व विवेचन की सामर्थ्य यह साधारण जीव कैसे प्राप्त कर सकता है.