आज का पंचांग : अपनी गति और गतिशीलता पर हमें जोर देना चाहिए

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

जीवन में कुछ निर्णय बिना गलती किए तुरंत लिए जाने चाहिए। विलम्ब कुछ मौकों पर बहुत घातक साबित हो सकता है। जैसे युद्ध में गलती और विलम्ब सीधे मौत है। कितना सोचें, कब तक सोचें, कितना करें और कब करें-यह अक्ल हर महान योद्धा को थी और जो हमारे भीतर भी उतरनी चाहिए- क्योंकि अब जीवन धीरे-धीरे और कठिनता की ओर चल रहा है।

कभी-कभी तो लगता है कि हर गतिविधि एक युद्ध बन गई है। नेपोलियन से जब पूछा गया कि आप एक पंक्ति में अपनी विशेषता बताएं तो उसने कहा था मैं सोचने और करने में पर्याप्त समय लेता हूं। बिना सोचे कोई काम करता नहीं और जब करने भिड़ जाता हूं तो फिर सोचता नहीं। इसलिए हमें अपनी गति और गतिशीलता पर जोर देना चाहिए।

आज के दौर में सोचने की प्रक्रिया भी मशीनों के गलियारे से निकलती है। चिंतन को मानवीय स्पर्श कठिनाई से मिल रहा है। इसीलिए जो कोई भी कुछ करता दिख रहा है, वह तनावग्रस्त भी होता जा रहा है। जबकि सफलता शांति के साथ आनी चाहिए।

पञ्चाङ्ग
तिथिषष्ठी – 07:01 पी एम तकनक्षत्रमूल – पूर्ण रात्रि तक
सप्तमीकरणवणिज – 07:01 पी एम तक
योगवरीयान् – 05:11 पी एम तकविष्टि – पूर्ण रात्रि तक
परिघ  
वारबुधवार  
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 सिद्धार्थीबृहस्पति संवत्सरसिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासवैशाख – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते25चैत्र – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिधनुनक्षत्र पदमूल – 12:38 पी एम तक
सूर्य राशिमीनमूल – 07:22 पी एम तक
सूर्य नक्षत्ररेवतीमूल – 02:06 ए एम, अप्रैल 09 तक
सूर्य नक्षत्र पदरेवतीमूल
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान12 घण्टे 38 मिनट्स 02 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुवसन्तरात्रिमान11 घण्टे 20 मिनट्स 53 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:34 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:44 ए एम से 05:30 ए एमप्रातः सन्ध्या05:07 ए एम से 06:15 ए एम
अभिजित मुहूर्तकोई नहींविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:31 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:52 पी एम से 07:15 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:53 पी एम से 08:01 पी एम
अमृत काल01:38 ए एम, अप्रैल 09 से 03:25 ए एम, अप्रैल 09निशिता मुहूर्त12:11 ए एम, अप्रैल 09 से 12:56 ए एम, अप्रैल 09
रवि योगपूरे दिन

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