आज का पंचांग : जुनून के साथ जीना सीखें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

आज का भगवद् चिंतन

जुनून के साथ जीना सीखें

जीवन में असफलता आती है तो वह भी बहुत सारे अनुभवों को साथ लेकर आती है। इसलिए अपने ऊपर निराशा को कभी भी हावी मत होने दीजिये। जीवन में कुछ बड़ा करने का स्वप्न तो सब देखते हैं, लेकिन हौसले के अभाव में उनका वह महान स्वप्न भी केवल दिवास्वप्न बनकर रह जाता है। जो लोग हौसले की ऊर्जा से भरपूर निरंतर अपने कर्तव्य पथ पर प्रयत्नशील रहते हैं, उनके महान से महान लक्ष्य भी एक दिन अवश्य पूर्ण हो जाया करते हैं।

हमारे लिए क्या सही होगा और क्या गलत ये अनुभव ही बता पाता है। केवल शक्ति का होना पर्याप्त नहीं अपितु शक्ति का व्यय उचित दिशा में हो ये ज्ञान होना भी आवश्यक है। अनुभव हमारी शक्ति का अपव्यय रोककर उसे श्रेष्ठ मार्ग में लगाने की प्रेरणा प्रदान करता है। जुनून आपसे वो भी करवा लेता है, जो आप नहीं कर सकते थे। असंभव को भी संभव कर के दिखाए इसी का नाम जुनून है।

पञ्चाङ्ग
तिथितृतीया – 05:24 ए एम, मई 05 तकनक्षत्रअनुराधा – 09:58 ए एम तक
चतुर्थीज्येष्ठा
योगपरिघ – 11:20 पी एम तककरणवणिज – 04:12 पी एम तक
शिवविष्टि – 05:24 ए एम, मई 05 तक
वारसोमवारबव
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 सिद्धार्थीबृहस्पति संवत्सरसिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासज्येष्ठ – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते21वैशाख – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिवृश्चिकनक्षत्र पदअनुराधा – 09:58 ए एम तक
सूर्य राशिमेषज्येष्ठा – 04:41 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रभरणीज्येष्ठा – 11:25 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदभरणी – 10:16 पी एम तकज्येष्ठा
भरणी  
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुग्रीष्मदिनमान13 घण्टे 17 मिनट्स 06 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुवसन्तरात्रिमान10 घण्टे 42 मिनट्स 08 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:29 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:25 ए एम से 05:08 ए एमप्रातः सन्ध्या04:46 ए एम से 05:51 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:03 पी एम से 12:56 पी एमविजय मुहूर्त02:42 पी एम से 03:35 पी एम
गोधूलि मुहूर्त07:06 पी एम से 07:28 पी एमसायाह्न सन्ध्या07:08 पी एम से 08:12 पी एम
अमृत काल03:02 ए एम, मई 05 से 04:49 ए एम, मई 05निशिता मुहूर्त12:07 ए एम, मई 05 से 12:50 ए एम, मई 05
सर्वार्थ सिद्धि योग05:51 ए एम से 09:58 ए एम

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