आज का पंचांग : सुख का कारण ढूँढो

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आज का भगवद् चिन्तन
सुख का कारण ढूँढो

जीवन को प्रसन्नता के साथ जीना सीखो क्योंकि प्रत्येक दिन शाम को केवल सूरज ही नहीं ढलता, हमारी जिंदगी भी ढलती है। जीवन में दुःखी रहने के बहुत कारण हो सकते हैं, लेकिन हम ढूँढकर देखेंगे तो पायेंगे कि ऐसे बहुत कारण भी हैं, जिन्हें जीवन में खुशी का आधार बनाया जा सकता है। सबको अपने-अपने जीवन से शिकायतें भी बहुत होंगी, लेकिन विचार करने पर पाओगे कि जीवन में खुश रहने के भी बहुत कारण हैं।

नीम कड़वा अवश्य है, लेकिन अनेक औषधीय गुणों से भरपूर भी है। ऐसे ही जीवन में कुछ बातें कड़वी होंगी लेकिन हमारे लिए हितकर भी होंगी। सरोवर में कीचड़ को देखकर उसे अपनी अप्रसन्नता का कारण मत बनाओ अपितु उसमें खिले कमल को अपनी प्रसन्नता का आधार बनाओ। काँटो को अपनी अप्रसन्नता का कारण मत बनाओ अपितु गुलाब को देखकर प्रसन्न हो जाओ। जीवन में सुख हमारे हाथों में नहीं, लेकिन प्रसन्नता हमारे भीतर की ही उपज है।

पञ्चाङ्ग
तिथिद्वितीया – 07:01 पी एम तकनक्षत्रमूल – 10:06 पी एम तक
तृतीयापूर्वाषाढा
योगसाध्य – 07:16 ए एम तककरणतैतिल – 05:49 ए एम तक
शुभगर – 07:01 पी एम तक
वारमंगलवारवणिज
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 रौद्रबृहस्पति संवत्सररौद्र – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासपुरुषोत्तम ज्येष्ठ (अधिक) – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते19ज्येष्ठ (अधिक) – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिधनुनक्षत्र पदमूल – 08:37 ए एम तक
सूर्य राशिवृषभमूल – 03:22 पी एम तक
सूर्य नक्षत्ररोहिणीमूल – 10:06 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदरोहिणीपूर्वाषाढा – 04:50 ए एम, जून 03 तक
  पूर्वाषाढा
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुग्रीष्मदिनमान13 घण्टे 47 मिनट्स 23 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुग्रीष्मरात्रिमान10 घण्टे 12 मिनट्स 27 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:30 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:15 ए एम से 04:56 ए एमप्रातः सन्ध्या04:35 ए एम से 05:37 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:03 पी एम से 12:58 पी एमविजय मुहूर्त02:48 पी एम से 03:43 पी एम
गोधूलि मुहूर्त07:23 पी एम से 07:43 पी एमसायाह्न सन्ध्या07:24 पी एम से 08:25 पी एम
अमृत काल02:55 पी एम से 04:43 पी एमनिशिता मुहूर्त12:10 ए एम, जून 03 से 12:51 ए एम, जून 03

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