आज का पंचांग : सुधार के लिए प्रयासरत रहें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर‘ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आज का विचार

मन की सफाई घर की सफाई से जयादा जरूरी है, क्योंकि, घर में तो मेहमान आते हैं, पर मन में तो भगवान वास करते हैं.!

आज का भगवद् चिन्तन
सुधार के लिए प्रयासरत रहें

यदि हम साबित करने की अपेक्षा सुधार पर ध्यान देते हैं तो जीवन में अपने आपको अधिक तनावमुक्त एवं प्रसन्न रख पायेंगे। कई बार भले ही हम गलत नहीं होते हैं, लेकिन उसको साबित करने में ही हमारी सारी मानसिक उर्जा का अपव्यय हो जाता है। इससे हमारे भीतर एक खिन्नता का भाव जन्म लेता है और यही खिन्नता हमारी अप्रसन्नता का कारण भी बन जाती है।

यही अप्रसन्नता हमारे मन को कोलाहल से भर देती है और भीतर का यही कोलाहल हमारे बाहरी जीवन में भी अशांति का कारण बन जाता है। यदि हमारे द्वारा कुछ गलती हो भी जाती है तो उसके अनेक कारण हो सकते हैं, लेकिन गलती के कारणों को गिनाने की अपेक्षा उन कारणों को मिटाने का प्रयास करना ही अपने आप में सुधार की दिशा में रखा गया पहला और महत्वपूर्ण कदम भी है।

पञ्चाङ्ग
तिथिपूर्णिमा – 02:14 पी एम तकनक्षत्रअनुराधा – 04:12 पी एम तक
प्रतिपदाज्येष्ठा
योगसिद्ध – पूर्ण रात्रि तककरणबव – 02:14 पी एम तक
वाररविवारबालव – 03:25 ए एम, जून 01 तक
पक्षशुक्ल पक्षकौलव
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 रौद्रबृहस्पति संवत्सररौद्र – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासज्येष्ठ ( पुरुषोत्तम अधिक) – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते17ज्येष्ठ (अधिक) – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिवृश्चिकनक्षत्र पदअनुराधा – 09:28 ए एम तक
सूर्य राशिवृषभअनुराधा – 04:12 पी एम तक
सूर्य नक्षत्ररोहिणीज्येष्ठा – 10:55 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदरोहिणीज्येष्ठा
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुग्रीष्मदिनमान13 घण्टे 46 मिनट्स 00 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुग्रीष्मरात्रिमान10 घण्टे 13 मिनट्स 47 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:30 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:15 ए एम से 04:56 ए एमप्रातः सन्ध्या04:36 ए एम से 05:37 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:02 पी एम से 12:57 पी एमविजय मुहूर्त02:48 पी एम से 03:43 पी एम
गोधूलि मुहूर्त07:22 पी एम से 07:42 पी एमसायाह्न सन्ध्या07:23 पी एम से 08:24 पी एम
  निशिता मुहूर्त12:09 ए एम, जून 01 से 12:50 ए एम, जून 01

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