आज का पंचांग : पवित्र मार्ग अपनायें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

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पंडित उदय शंकर भट्ट

आज का विचार

व्यक्ति के व्यक्तित्व को दो शब्द परिभाषित करते है, पहला धैर्य और दूसरा व्यवहार। जिसकी प्रेरणा से आपका चरित्र बदल जाय, वही आपका श्रेष्ठ गुरु है.!

आज का भगवद् चिन्तन

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पवित्र मार्ग अपनायें

प्रकृति द्वारा शांति प्राप्त करने का सबको समानाधिकार दिया गया है। यदि शांति केवल धन से प्राप्त हो पाती तो वह अमीरों की जागीर बनकर रह जाती। अपने जीवन में कोई कितना ही धनवान क्यों न हो, लेकिन शांति को खरीद नहीं सकता और दुःखों को बेच नहीं सकता है। धन सुख के साधनों को तो उपलब्ध करा देता है, लेकिन शांति के साधनों को उपलब्ध नहीं करा पाता है। शांति का संबंध धन से नहीं अपितु हमारे धर्मयुक्त जीवन से है।

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जिस प्रकार जल का स्रोत ही विषाक्त होने पर पात्र की शुद्धता का कोई महत्व नहीं रह जाता, वह रोगों को ही जन्म देने वाला है। ठीक ऐसे ही धन के अर्जन का स्रोत दूषित रहने पर वह भी जीवन की अशांति का कारण ही बनने वाला है। गलत मार्गों से अर्जित धन किसी मनुष्य को बाहर से समस्त सुख साधनों को उपलब्ध करवा कर भी भीतर से अतृप्त ही रखता है। यदि हमारी कमाई का मार्ग पवित्र है तो धन भले थोड़ा कम रहे, लेकिन जीवन में शांति अवश्य रहेगी।

 बालाजी मंदिर

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय05:36 ए एमसूर्यास्त07:2पी एम
चन्द्रोदय11:28 पी एमचन्द्रास्त09:28 ए एम
पञ्चाङ्ग
तिथिपञ्चमी – 01:20 ए एम, जून 06 तकनक्षत्रश्रवण – पूर्ण रात्रि तक
षष्ठीकरणकौलव – 12:28 पी एम तक
योगब्रह्म – 09:43 ए एम तकतैतिल – 01:20 ए एम, जून 06 तक
इन्द्रगर
वारशुक्रवार  
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 रौद्रबृहस्पति संवत्सररौद्र – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासज्येष्ठ (पुरुषोत्तम अधिक) – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते22ज्येष्ठ (पुरुषोत्तम अधिक) – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिमकरनक्षत्र पदश्रवण – 10:19 ए एम तक
सूर्य राशिवृषभश्रवण – 04:55 पी एम तक
सूर्य नक्षत्ररोहिणीश्रवण – 11:30 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदरोहिणीश्रवण
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुग्रीष्मदिनमान13 घण्टे 49 मिनट्स 13 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुग्रीष्मरात्रिमान10 घण्टे 10 मिनट्स 40 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:31 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:15 ए एम से 04:55 ए एमप्रातः सन्ध्या04:35 ए एम से 05:36 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:03 पी एम से 12:58 पी एमविजय मुहूर्त02:49 पी एम से 03:44 पी एम
गोधूलि मुहूर्त07:24 पी एम से 07:44 पी एमसायाह्न सन्ध्या07:25 पी एम से 08:26 पी एम
अमृत काल06:38 पी एम से 08:23 पी एमनिशिता मुहूर्त12:10 ए एम, जून 06 से 12:51 ए एम, जून 06
सर्वार्थ सिद्धि योगपूरे दिन