आज का पंचांग : उदार बनें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आषाढ़.

आज नवमी. नक्षत्र स्वाति 11:03 PM तक उपरांत विशाखा. साध्य योग 06:41 PM तक, उसके बाद शुभ योग. करण बालव 06:06 PM तक, बाद कौलव. आज राहु काल का समय 12:33 PM – 02:12 PM है. आज चन्द्रमा तुला राशि पर संचार करेगा.

आज का भगवद् चिंतन

उदार बनें

प्रकृति का अपना एक शाश्वत नियम है कि मान, पद, प्रतिष्ठा, वैभव कुछ भी और कभी भी यहाँ शाश्वत नहीं रहता। त्याग और नाश ये एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। स्वयं की इच्छा से किसी वस्तु अथवा पदार्थ को छोड़ना त्याग तथा स्वयं की इच्छा ना होते हुए किसी वस्तु अथवा पदार्थ का छूट जाना नाश कहलाता है।

इस प्रकृति में सदा कुछ भी नहीं रहने वाला है इसलिए जीवन को उदारता के साथ जीने का प्रयास करो। सूर्य सुबह अपने पूर्ण प्रकाश के साथ उदय होता है और शाम होते-होते उसका प्रकाश क्षीण होने लगता है और दिन में प्रचंड प्रकाश फैलाने वाला वही सूर्य अस्ताचल में कहीं अपनी रश्मियों को छुपा लेता है। रात्रि को चंद्रमा अपनी शीतला बिखेरता है पर सुबह होते-होते वो भी कहीं प्रकृति के उस विराट आँचल में छुप सा जाता है।

जिन फलों को वृक्ष द्वारा बाँटा नहीं जाता एक समय उन फलों में अपने आप सड़न आने लगती है और वो सड़कर वृक्ष को भी दुर्गंधयुक्त कर देते हैं। इसी प्रकार समय आने पर प्रकृति द्वारा सब कुछ स्वतः ले लिया जायेगा,अब ये आप पर निर्भर करता है कि आप बाँटकर अपने यश और कीर्ति की सुगंधी को बिखेरना चाहते हैं या संभालकर संग्रह और आसक्ति की दुर्गंध को रखना चाहते हैं।

आज का विचार

आपने कभी ये विचार किया है कि हमारा पूरा वजूद हमारी यादें के अलावा और कुछ नहीं और हम जिन्हें विचार मानते है, वे खास परिस्थितियों की वजह से जन्मे हमारे सोचने का ढंग मात्र है.!!