सर्वजन सनातन पार्टी में अनुसूया प्रसाद उनियाल को राष्ट्रीय संगठन मंत्री की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा, उत्तराखंड में भी संगठन विस्तार की तैयारी

लखनऊ। सर्वजन सनातन पार्टी ने अपने संगठनात्मक विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तराखंड के अनुसूया प्रसाद उनियाल को राष्ट्रीय संगठन मंत्री का दायित्व सौंपा है। लखनऊ में आयोजित पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान उन्हें नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इस नियुक्ति के साथ उनियाल को पार्टी के राष्ट्रीय संगठन को मजबूत करने तथा संगठनात्मक गतिविधियों के विस्तार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. नागेश्वर राव ने प्रेस वार्ता में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्होंने पार्टी के उद्देश्यों एवं भावी राजनीतिक दिशा को भी प्रस्तुत किया। नागेश्वर राव पूर्व में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्य कर चुके हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जिम्मेदारी

अनुसूया प्रसाद उनियाल को राष्ट्रीय संगठन मंत्री नियुक्त किए जाने को पार्टी के संगठनात्मक विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उनके साथ उत्तराखंड से श्री प्रमोद चंद्र को प्रदेश प्रभारी का दायित्व भी सौंपा गया है। पार्टी ने संकेत दिया कि उत्तराखंड में आगामी चुनाव की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर शीघ्र ही देहरादून में प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी।

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सनातन सभ्यता पर जोर

सर्वजन सनातन पार्टी ने सुलभ एवं उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, निःशुल्क उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं, सभी के लिए सुनिश्चित रोजगार और सनातन सभ्यता के पुनरुत्थान को अपने प्रमुख उद्देश्यों में शामिल किया है। पार्टी ने सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और जनकल्याण को केंद्र में रखकर राजनीति करने तथा जनता के समक्ष एक राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

राष्ट्रीय संगठन मंत्री के रूप में अनुसूया प्रसाद उनियाल की नियुक्ति के साथ पार्टी के सामने राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और विभिन्न राज्यों में संगठन के विस्तार की दिशा में काम करने की जिम्मेदारी होगी। उत्तराखंड में प्रस्तावित प्रेस वार्ता को भी इसी क्रम में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।