डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश-जनता एवं जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का सात दिन में अनिवार्य निस्तारण

नई टिहरी। जनता एवं जनप्रतिनिधियों से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने जिला स्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़ी प्रत्येक शिकायत का अधिकतम सात दिवस के भीतर अनिवार्य रूप से निस्तारण किया जाए.


जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न माध्यमों से जिला कार्यालय को प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को नियमित रूप से भेजा जाता है। बावजूद इसके कई मामलों में निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण आख्या उपलब्ध नहीं कराई जा रही है और शिकायतकर्ताओं को की गई कार्रवाई की जानकारी भी नहीं दी जा रही है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए।


उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत के निस्तारण में तथ्यों, अभिलेखीय साक्ष्यों और की गई कार्रवाई का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। निस्तारण आख्या निर्धारित समयसीमा के भीतर जिला कार्यालय को उपलब्ध कराने के साथ ही संबंधित शिकायतकर्ता को भी नियमानुसार की गई कार्रवाई और निस्तारण की जानकारी दी जाए।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला कार्यालय से प्राप्त शिकायतों की सूची का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण करते हुए प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और विभागीय स्तर पर ऐसी स्थिति न बने कि शिकायतकर्ता को एक ही प्रकरण के लिए बार-बार पत्राचार करना पड़े।


जिलाधिकारी ने कहा कि जनशिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुशासन एवं जनविश्वास की महत्वपूर्ण कड़ी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी।