राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस : भारतीय सांख्यिकी के जनक पीसी महालनोबिस को किया गया याद

नई टिहरी

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16वां राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के अवसर पर प्रसिद्ध सांख्यिकीयविद् प्रशांत चन्द महालानोबिस का जन्म दिवस जिला अर्थ एवं सांख्याधिकारी कार्यालय टिहरी गढ़वाल में मनाया गया। इस अवसर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय के समस्त उपस्थित कर्मचारियों द्वारा प्रसिद्ध सांख्यिकीयविद् को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

गोष्ठी में जिला अर्थ एवं सख्ंयाधिकारी साक्षी शर्मा ने प्रो0 महालानोबिस के जीवन परिचय एवं योगदान पर प्रकाश डालते हुये बताया कि इनका जन्म 29 जून 1893 को कलकत्ता में हुआ। प्रो0 महालानोबिस ने 1912 में कलकत्ता के प्रेजिडेन्सी कालेज से भौतिकी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की तथा 1913 में गणित व भौतिक विज्ञान की उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय लन्दन गये। 1915 में वापस भारत आकर प्रो0 महालानोबिस ने प्रेजिडेन्सी कालेज कलकत्ता में अध्यापन कार्य किया। उनकी प्रसिद्धि महालानोबिस दूरी के कारण भी है जो उनके द्वारा सुझाई गयी एक सांख्यिकी माप है। उनके द्वारा 17 दिसम्बर 1931 को कलकत्ता में भारतीय सांख्यिकीय संस्थान की स्थापना की गयी। उन्होंने बतया कि इस वर्ष 16वां सांख्यिकी दिवस सतत् विकास हेतु आंकडे विषय पर आयोजित है।

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इस अवसर पर ऋतु नेगी ने कहा कि भारत सरकार ने 1949 में उन्हें सांख्यिकीय सलाहकार के रूप में नियुक्त किया। योजना आयोग के सदस्य के रूप में 1955 से 1967 तक उनके द्वारा कार्य किया गया। भारत सरकार द्वारा 1968 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। प्रो0 महालानोबिस के उल्लेखनीय योगदान के सम्मान में भारत सरकार द्वारा उनके जन्म दिवस 29 जून को हर वर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। वहीं दिनेश डोभाल बताया कि आंकडे देश के विकास में महत्वपूर्ण स्थान रखते है।

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गोष्ठी में अपर सांख्यिकीय अधिकारी धारा सिंह, संदीप कुमार, सुरेश चन्द, भवानी दत्त जोशी नरेन्द्र सिंह रावत ताहिर अहमद, चन्द्रशेखर, प्रदीप सजवाण, उमेश बिष्ट, विनोद कुमार, दीपक कुमार, आशा लाल, शीशपाल सिंह, राधे कृष्ण, सौरभ पंवार, ओमप्रकाश सकलानी, जी0एस0 गुसाई उद्योग विभाग एवं सोनम सेवायोजन कार्यालय से उपस्थित रहे।