एम. नागेश्वर राव ने जारी किया ‘पर्वतोदय संकल्प’, पलायन रोकने, भू-कानून और गौमाता को राज्यमाता-राष्ट्रमाता बनाने का ऐलान
देहरादून, 28 अक्टूबर। उत्तराखंड की सियासत में नए राजनीतिक विकल्प के रूप में सर्वजन सनातन पार्टी (ससपा) ने विधानसभा चुनाव को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सीबीआई के पूर्व निदेशक एम. नागेश्वर राव ने बुधवार को देहरादून में पत्रकार वार्ता के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा की। उन्होंने ‘पर्वतोदय संकल्प—देवभूमि में एक नए प्रभात का आह्वान’ प्रस्तुत करते हुए कांग्रेस और भाजपा के 26 वर्षों के शासन पर सवाल उठाए और राज्य में जन-केंद्रित सुशासन स्थापित करने का दावा किया।
राव ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन जिन संघर्षों और बलिदानों के आधार पर हुआ, उन अपेक्षाओं के अनुरूप पहाड़ों का विकास नहीं हो पाया है। पलायन, रोजगार का अभाव और शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की चुनौतियां आज भी गंभीर सवाल हैं। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड बलिदानों से बना है, इसे राजनीतिक लूट का शिकार नहीं होने दिया जा सकता।” उन्होंने जनता से राज्य के भविष्य के लिए ससपा को अवसर देने की अपील की।
20 पर्वतीय विकास केंद्र बनाने का संकल्प
पलायन रोकने और गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए पार्टी ने राज्य में 20 पर्वतीय विकास केंद्र स्थापित करने की घोषणा की। राव के अनुसार, इन केंद्रों के माध्यम से कृषि, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, कौशल विकास और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। पार्टी ने सभी के लिए निःशुल्क गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं तथा सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराने का वादा भी किया।
भू-माफिया और जमीन की सट्टेबाजी पर रोक का वादा
देवभूमि की जमीन और स्थानीय निवासियों के अधिकारों को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए राव ने प्रभावी, पारदर्शी और सशक्त भू-कानून बनाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि भूमि की सट्टेबाजी और अनियंत्रित लेन-देन पर रोक लगाकर पर्वतीय समुदायों के हितों की रक्षा की जाएगी। उनका कहना था कि राज्य की जमीन का लाभ यहां के लोगों को मिलना चाहिए, न कि भू-माफियाओं और सट्टेबाजों को।
सनातन संस्कृति और गौमाता के लिए विशेष संकल्प
पार्टी ने देवभूमि की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत, मंदिरों और तीर्थस्थलों के संरक्षण तथा तीर्थाटन से जुड़ी अर्थव्यवस्था में स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। पत्रकार वार्ता में गौमाता को राज्यमाता और राष्ट्रमाता बनाने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।
राव ने समान नागरिक संहिता के भाग-3 में लिव-इन संबंधों से जुड़े प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए उन्हें निरस्त करने की मांग की। उन्होंने इन प्रावधानों को सनातन सभ्यतागत मूल्यों के प्रतिकूल बताया।
आरक्षण और सामाजिक नीतियों पर भी उठाए सवाल
राव ने भाजपा पर धार्मिक एवं जातिगत पहचानों के राजनीतिक इस्तेमाल से सामाजिक विभाजन बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने आवश्यकता-आधारित आरक्षण व्यवस्था को ‘युक्त-आरक्षण’ नाम देते हुए लागू करने की प्रतिबद्धता जताई। साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989, संबंधित यूजीसी विनियमों और पहचान-आधारित विभाजन को बढ़ावा देने वाली नीतियों एवं कानूनों को निरस्त करने की मांग भी रखी।
अंकिता भंडारी प्रकरण में दोषियों को सजा दिलाने का वादा
अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए राव ने कहा, “अंकिता भंडारी उत्तराखंड की बेटी थी।” उन्होंने भाजपा सरकार पर न्याय दिलाने में विफल रहने का आरोप लगाया और मामले में दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति को दंडित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए।
भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर उन्होंने पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था लागू करने का वादा किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सफलता उनकी योग्यता के आधार पर मिलनी चाहिए, न कि धांधली के जरिए।
कांग्रेस-भाजपा को अवसर देने के बाद अब ससपा की अपील
राव ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा को राज्य में लंबे समय तक शासन करने का अवसर मिल चुका है। अब जनता को उत्तराखंड के भविष्य, स्थानीय रोजगार, सांस्कृतिक पहचान और सुशासन के मुद्दों पर नए विकल्प पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर पार्टी की भागीदारी दोहराते हुए जनता से समर्थन मांगा।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश प्रभारी प्रमोद पाण्डेय, राष्ट्रीय संगठन मंत्री अनुसूया प्रसाद उनियाल, विवेक कौल, संगठन मंत्री अशोक शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष स्वामी तीर्थानन्द, राजस्थान प्रभारी गोपाल शर्मा, यशवंत सिंह, आनंद सिंह और जुगल किशोर तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।