सुप्रभातम्: ये है दुनिया का सबसे अनोखा पक्षी, जो सिर्फ बारिश के पानी से बुझता है अपनी प्यास

दुनिया में एक ऐसा पक्षी है जो किसी भी नदी या तालाब में मौजूद पानी को नहीं पीता। ये सिर्फ आसमान से बरस रहे बारिश की बूंदों को पीकर (Bird Drinks Only Rain Water) ही अपनी प्यास बुझाता है।


हिमशिखर खबर ब्यूरो

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धरती पर कुल मिलाकर 5000 करोड़ पक्षी रहते हैं, जिनमें कई प्रजातियां बेहद दुर्लभ हैं। इन पक्षियों में कई ऐसे हैं जो अपनी खासियत के लिए पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। जिंदा रहने के लिए धरती पर मौजूद हर प्राणी के लिए पानी बेहद जरूरी होता है। कुछ प्राणी कम मात्रा में ही पानी पीकर जिंदा रहते हैं, लेकिन हम सभी को पानी की जरूरत होती है। लेकिन इस धरती पर एक पक्षी मौजूद है जिसके बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे।

यह खास पक्षी प्यास से तड़पता रहता है, लेकिन नदी या तालाबा का पानी नहीं पीता है। इसके साथ ही अगर आप इसे किसी बर्तन में भी पानी पीने के लिए देते हैं, तो भी नहीं पीता है। आप सोच रहे होंगे यह पक्षी कौन सा पानी पीता है, क्योंकि बिना पानी पिए, तो कोई जिंदा नहीं रह सकता है। आइए जानते हैं कि आखिर इस खास पक्षी का नाम क्या है और यह कौन सा पानी पीता है।

पीता है ये खास पानी

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दरअसल हम जिस पक्षी के बारे में बात कर रहे हैं वह झील, तालाब या नदी का पानी नहीं पीता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि यह पक्षी सिर्फ बारिश का ही पानी पीता है। जब बरसात होती है, तो यह अपनी प्यास को बुझाता है। इस खास पक्षी का नाम चातक है। इसे कई बार प्यास लगी रहती है, लेकिन यह कोई और पानी नहीं पीता है। सिर्फ बारिश का ही पानी पीता है।

कहा जाता है कि अगर चातक प्यास से तड़प रहा है और पानी से भरे झील में डाल देते हैं, तो यह पानी में अपनी चोंच को नहीं खोलता है। यह पक्षी इस मामले में बेहद स्वाभीमानी होता है। सिर्फ एशिया और अफ्रीका महाद्वीप में ही चातक पक्षी पाया जाता है। यह भारत के उत्तराखंड राज्य में प्रमुख रूप से मिलता है।

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मानसून के आने का देते हैं संकेत

आपको बता दें कि उत्तरी भारत के ज्यादातर हिस्सों में ये पक्षी मानसून से पहले पहुंच जाते हैं। जिन जगहों में मानसून अपने समय से पहले दस्तक देता है वहां भी ये पक्षी मानसून आने से पहले पहुंच जाते हैं।