पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वादशी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आश्विन. आज है प्रदोष व्रत और धनतेरस.
आज द्वादशी तिथि 10:30 AM तक उपरांत त्रयोदशी | नक्षत्र हस्त 04:43 AM तक उपरांत चित्रा | विष्कुम्भ योग 04:09 AM तक, उसके बाद प्रीति योग | करण तैतिल 10:31 AM तक, बाद गर 10:36 PM तक, बाद वणिज | आज राहु काल का समय 10:47 AM – 12:10 PM है | आज चन्द्रमा कन्या राशि पर संचार करेगा
समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। मान्यता है कि वह दिन धनतेरस का था। भगवान धन्वंतरि के साथ दो महत्वपूर्ण भाव जुड़े हैं—धन और स्वास्थ्य। वे देवताओं के वैद्य हैं तथा भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। लेकिन प्रश्न यह है कि भगवान धन्वंतरि की वास्तविक संपदा क्या है और वे हमें किस प्रकार का स्वास्थ्य प्रदान करते हैं?
भगवान धन्वंतरि की विशेषता यही है कि वे जीवन के संचालन के लिए समृद्धि और जीवन की रक्षा के लिए आरोग्य का संदेश देते हैं। उनके अमृत कलश में केवल रोगों से मुक्ति का भाव नहीं, बल्कि स्वस्थ, संतुलित और सार्थक जीवन का दर्शन भी समाहित है।
आरोग्य और स्वास्थ्य के बीच एक सूक्ष्म अंतर है। आरोग्य केवल रोगमुक्त होना नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की निरंतर प्रक्रिया है। इसे अंग्रेजी में Wellness कहा जाता है। यह हमारी सक्रिय जीवन-पद्धति है। वहीं स्वास्थ्य यानी Health एक ऐसी स्थिति है, जिसका आकलन हमारे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन से होता है। दूसरे शब्दों में, आरोग्य स्वस्थ रहने का सतत प्रयास है और स्वास्थ्य उसका सकारात्मक परिणाम।
हमें जीवन कितना भी लंबा मिले, महत्वपूर्ण यह है कि हम उसे कितनी सहजता, संतुष्टि और शांति के साथ जीते हैं। जीवन की अंतिम सांस तक मन में बेचैनी, तनाव और पछतावा न हो, यही सच्चे अर्थों में स्वस्थ जीवन की उपलब्धि है।
इसलिए इस धनतेरस पर आइए, हम एक सार्थक संकल्प लें कि ऐसा कोई धन अर्जित नहीं करेंगे, जिसकी कीमत हमारे मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक सुख और आत्मिक शांति को चुकानी पड़े। धन कमाएं, लेकिन स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं। समृद्ध बनें, लेकिन संतुलन खोकर नहीं।
क्योंकि वास्तविक धन केवल वह नहीं है, जो हमारी तिजोरी में जमा होता है, बल्कि वह भी है जो हमारे शरीर को स्वस्थ, मन को प्रसन्न और जीवन को संतुष्ट रखता है।
इस धनतेरस पर धन के साथ आरोग्य, समृद्धि के साथ संतुलन और जीवन के साथ स्वास्थ्य को भी अपनाने का संकल्प लें।
शुभ धनतेरस!