जन-पूर्व सैनिकों ने भरी हुंकारः राज्य की अस्मिता बचाने को रामनगर में संवाद

रामनगर : उत्तराखंड का स्वाभिमान, राज्य की अवधारणा के अनुरूप नीतियां बने, इसके लिए उत्तराखंड के पूर्व सैनिकों-जन सैनिकों को एकजुट होकर सत्ता एवं व्यवस्था परिवर्तन के लिए आगे आना होगा। यह बात जन एवं पूर्व सैनिकों को एकजुट करने की मुहिम में जुटे पूर्व सैनिक एकजुटता अभियान के संयोजक रिटायर ब्रिगेडियर सर्वेश दत्त डंगवाल एवं उनके साथियों ने रामनगर के जन संगठनों एवं पूर्व सैनिक संगठनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने लखनपुर स्पोर्ट्स क्लब में संवाद के दौरान कहीं।

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उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रधान महासचिव राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी के संचालन में चले संवाद कार्यक्रम में रिटायर ब्रिगेडियर सर्वेश दत्त डंगवाल ने संवाद करते हुए बताया कि उत्तराखंड के लोगों ने पृथक उत्तराखंड राज्य जिन अपेक्षाओं एवं उम्मीद से 42 से ज्यादा आंदोलनकारियों की शहादत के बाद आंदोलन से राज्य प्राप्त किया. 25 वर्ष बीत जाने के बाद भी लोगों की उम्मीद एवं अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा है। सत्तारूढ सरकारें राज्य गठन के 25 साल बाद भी पहाड़ का पानी, पहाड़ की जवानी, पहाड़ की परेशानी का समाधान नहीं कर पायी। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पलायन, विस्थापन, जंगली जानवरों का आतंक भ्रष्टाचार विकराल रूप ले चुका है। इन सवालों को लेकर जगह-जगह लोग आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को सत्ता एवं व्यवस्था बदलने की लिए एकजुट होना होगा। इस अवसर पर पूर्व असिस्टेंट कमांडेंट आरपी सिंह ने कहा कि हमारी कोशिश है कि उत्तराखंड के जन संगठन एवं पूर्व सैनिक संगठन एक मंच पर लाया जाए। लोक जिम्मेदार पार्टी के महासचिव पूर्व अपर सचिव लोकायुक्त जे सी उप्रेती ने कहा कि लोगों को राजनीतिक हस्तक्षेप कर अच्छे लोगों को नेतृत्व सौंपना होगा। इस अवसर पर मनमोहन अग्रवाल, गिरीश चंद्र आर्य, ललित उप्रेती, तुलसी छिम्बाल, भुवन डंगवाल, एन खान, रवि , किशन शर्मा, आसिफ, सुनील पर्नवाल, गिरधर सिंह मनराल, मोहन चंद्र तिवारी, चंद्रशेखर जोशी, प्रेम सिंह विष्ट, आनंद पाठक आदि थे।

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