बाध टूटने के बाद काम कर रहे 150 मजदूरों के गायब होने की आशंका

देहरादून:  चमोली जिले के जोशीमठ में एक ग्लेशियर टूटने से धौलीगंगा नदी में बाढ़ आने से। अधिकारियों ने बताया है कि इससे आसपास की आबादी खतरे में आ गई है।बताया जा रहा है कि  इससे पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे 150 मजदूर गायब हैं।

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इससे आसपास के गाँव में बाढ़ के पानी फैलने की आशंका है। आसपास के गाँवों से लोगों को निकाला जा रहा है।

नदी के कई तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। इससे ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को नुकसान पहुँचने की आशंका है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत घटना स्थल के लिए रवाना हो गए है। उन्होंने ट्वीट कर अफवाह पर ध्यान नहीं देने और पुराने वीडियो नहीं शेयर करने का आग्रह किया है।

उन्होंने अपने एक अन्य ट्वीट में लिखा कि इससे ऋषिगंगा प्रोजेक्ट को नुकसान पहुँचने की आशंका है। उन्होंने लिखा कि नदी में अचानक पानी आने से अलकनंदा के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ की आशंका है।

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तटीय क्षेत्रों में लोगों को अलर्ट किया गया है। नदी किनारे बसे लोगों को क्षेत्र से हटाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आईटीबीपी के हवाले से बताया कि उत्तराखंड के चमोली जिले के रेनी गाँव के पास बाढ़ आ गई है। जिसने नदियों के कई तट और घरों को तोड़ डाले हैं।

आईटीबीपी के जवान लोगों की मदद को भेजे गए हैं। जोशीमठ के पास रेनी गाँव में राहत का काम चल रहा है।चमोली पुलिस के हवाले से एएनआई ने लिखा कि तपोवन क्षेत्र में एक ग्लेशियर के टूटने से ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त हो गया है।

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अलकनंदा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।