राज्यसभा की रेस में लाखी राम जोशी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात ने बढ़ाई सियासी हलचल

टिहरी से प्रतिनिधित्व की मांग के बीच पूर्व मंत्री जोशी ने रखा अपना पक्ष

नई दिल्ली। उत्तराखंड में रिक्त हुई राज्यसभा सीट को लेकर भाजपा में संभावित दावेदारों के नामों पर चर्चाओं के बीच पूर्व मंत्री एवं टिहरी के पूर्व विधायक लाखी राम जोशी ने अपनी दावेदारी को लेकर रक्षा मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात की। दिल्ली स्थित आवास पर हुई इस मुलाकात में उत्तराखंड की राजनीतिक परिस्थितियों और राज्यसभा की रिक्त सीट से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

मुलाकात के दौरान लाखी राम जोशी ने राज्यसभा के लिए अपनी दावेदारी के संबंध में अपना पक्ष राजनाथ सिंह के समक्ष रखा। जोशी की ओर से क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, उनके राजनीतिक अनुभव और संगठन के साथ लंबे जुड़ाव सहित विभिन्न पहलुओं को लेकर चर्चा की गई।

लाखी राम जोशी टिहरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 1990 के दशक से वे टिहरी के विधायक रह चुके हैं।

विधायक के रूप में जोशी का कार्यकाल टिहरी बांध प्रभावित क्षेत्र के दौर से भी जुड़ा रहा। उत्तरांचल की अंतरिम विधानसभा की कार्यवाही में उन्होंने टिहरी जिले के प्रभावित गांवों और पुनर्वास से संबंधित विषय को सदन में उठाया।

टिहरी क्षेत्र में उनके कार्यकाल को यातायात, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय बुनियादी सुविधाओं से जुड़े प्रयासों से जोड़कर भी समर्थकों द्वारा याद किया जाता है।

उनके राजनीतिक जीवन में टिहरी क्षेत्र की सड़क और यातायात सुविधाओं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं तथा बांध प्रभावित परिवारों के मुद्दे प्रमुख रहे। टिहरी बांध प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर उनका सदन में सक्रिय रहना विधानसभा कार्यवाही से भी प्रमाणित होता है।

उनके विधायक रहते हुए क्षेत्र में कराए गए विभिन्न विकास कार्यों की विस्तृत स्थानीय सूची आज भी उनके समर्थकों के बीच चर्चा का विषय है।

उत्तराखंड राज्य गठन के बाद बनी उत्तरांचल की अंतरिम विधानसभा में 2000 से 2002 तक भी लाखी राम जोशी सदस्य रहे।

नई राज्य व्यवस्था के शुरुआती दौर में टिहरी से जुड़े विषयों को विधानसभा में उठाना उनके राजनीतिक अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। विशेष रूप से बांध प्रभावित गांवों, पुनर्वास और ग्रामीण समस्याओं को लेकर उनकी सक्रियता विधानसभा की कार्यवाही में दर्ज है।

वरिष्ठता और टिहरी प्रतिनिधित्व का तर्क

राज्यसभा की रिक्त सीट को लेकर जोशी के समर्थकों का कहना है कि लंबे राजनीतिक अनुभव के साथ उन्हें टिहरी और पहाड़ के मुद्दों की गहरी समझ है। उनका तर्क है कि उन्होंने विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया है और राज्य गठन के शुरुआती दौर में अंतरिम विधानसभा के सदस्य के रूप में भी भूमिका निभाई।

हाल के वर्षों में भी जोशी सक्रिय सार्वजनिक जीवन में बने हुए हैं। 2022 में पूर्व विधायकों के संगठन के गठन के दौरान उन्हें संगठन का अध्यक्ष चुना गया था।

वहीं, 2026 में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की सूची में भी लाखीराम जोशी का नाम टिहरी जिले से विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में दर्ज किया गया है।

ऐसे में राज्यसभा की रिक्त सीट को लेकर जोशी का नाम सामने आने के साथ ही उनकी राजनीतिक वरिष्ठता, टिहरी से उनका पुराना जुड़ाव और क्षेत्रीय मुद्दों पर सक्रियता चर्चा के केंद्र में है। अंतिम निर्णय पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।