आज का पंचांग : मंगलमय शिवरात्रि

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

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पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, माघ | आज है महाशिवरात्रि|

आज त्रयोदशी तिथि 05:05 PM तक उपरांत चतुर्दशी | नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 07:48 PM तक उपरांत श्रवण | व्यातीपात योग 02:46 AM तक, उसके बाद वरीयान योग | करण वणिज 05:05 PM तक, बाद विष्टि 05:24 AM तक, बाद शकुनि | आज राहु काल का समय 04:54 PM – 06:18 PM है | आज चन्द्रमा मकर राशि पर संचार करेगा |

आज का चिंतन

मन एक ऐसी जमीन है, जिसमें हम जैसी मानसिकता का बीज बोएंगे, हमें वैसा ही फल मिलेगा। हम वो नहीं हैं जो हमारे साथ हुआ, हम वो हैं जो हमने उससे निपटने का फ़ैसला किया। जितना चाहो उतना मिल नहीं सकता, लेकिन जितना चाहो उतना दे सकते हो, प्यार, आदर, मुस्कुराहट, खुशी, सहायता।

ऊँ त्रयम्बकं यजामहे, सुगंधिं पुष्टिबर्धनं ।
उर्वारुकमिव बन्धनान्, मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ।।

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       🔱ॐ नमः शिवाय🔱

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय

आज का भगवद् चिंतन
मंगलमय शिवरात्रि

शिवत्व के आश्रय से अज्ञान तिमिर में प्रकाश की प्राप्ति ही शिवरात्रि का संदेश है। शिवरात्रि अर्थात अंधकार में प्रकाश की संभावना। जिस तरह भोलेनाथ प्राणी मात्र के कल्याण के लिए जहर पीकर देव से महादेव बन गए उसी प्रकार हमें भी समाज में व्याप्त निंदा, अपयश, उपेक्षा,और आलोचना रुपी जहर को पीकर मानव से महामानव बनना होगा। जल धारा चढ़ाने मात्र से प्रसन्न होने वाले आशुतोष भगवान शिव का यही सन्देश है, कि जीवन में जो कुछ भी और जितना भी प्राप्त होता है, उसी में प्रसन्न और सन्तुष्ट रहना सीखें।

भगवान शिव काम के नहीं अपितु राम के अधीन हैं इसलिए महादेव के जीवन में वासना नहीं उपासना है। शिव पूर्ण काम हैं, तृप्त काम हैं। सभी कामनाओं, इच्छाओं को नष्ट करने वाले महादेव को कोई लोभ नहीं, बस श्रीराम दर्शन एवं श्रीराम सुमिरन का ही लोभ उन्हें लगा रहता है। भगवान महादेव का जीवन हम सबको प्रेरणा प्रदान करता है, कि अंतर्मुखी रहने वाला साधक ही शांत, प्रसन्नचित्त, परमार्थी, अपेक्षा रहित, क्षमावान और लोक मंगल के शिव संकल्पों को पूर्ण करने की सामर्थ्य रखता है।

महाशिवरात्रि का पावन पर्व आप सभी के लिए शुभ एवं मंगलमय हो।

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