भ्रमण पर निकली ‘गोल्ज्यू यात्रा’ पहुंची बेरनी गाँव

चम्बा : उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और प्रदेश की एकता को मजबूत करने के लिए ‘अपनी धरोहर न्यास’ की पहल पर तृतीय गोल्ज्यू यात्रा बेरनी गाँव पहुंची। जयकारों के साथ श्रद्वालुओं ने गोल्ज्यू के रथ में देव डांगरों का पूजन वंदन किया।

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लोकआस्था और न्याय के प्रतीक श्री गोल्ज्यू महाराज की यात्रा डोली बेरनी गाँव पहुंची। चंपावत से निकली श्री गोल्ज्यू महाराज यात्रा के तहत डोली के टिहरी आगमन पर यात्रा का कई जगह स्वागत हुआ। श्रद्धालुओं को दर्शन देते हुए डोली बेरनी गाँव पहुंची। देवभूमि उत्तराखंड के न्याय देवता गोल्जयू महाराज दिव्य रथ में सवार होकर ढोल की थाप और दमाउ की संगत में भक्तों के साथ अपने मूल स्थान चंपावत से टिहरी जनपद पहुंची।

पूर्व कैबिनेट मंत्री लाखी राम जोशी ने बताया की यात्रा का मुख्य उद्देश्य देवभूमि के मैदानी इलाकों से लेकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों तक के लोगों को आपसी प्रेम और संस्कृति के सूत्र में बांधना है। उन्होंने कहा कि यात्रा का मूल मंत्र ‘पूरे उत्तराखंड को एक सूत्र में पिरोना’ है। इस मोके पर न्यास के विजय भट्ट, मंदिर समिति के जितेंद्र नेगी, श्याम सिंह कार्की, कमल सिंह जीना, दीप चंद पाण्डेय, प्रकाश सेमवाल,

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