आज का पंचांग : भोजन को अन्न यज्ञ मानें और पवित्र मन से भोजन करें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

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पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

पौष शुक्ल पक्ष सप्तमी, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, पौष | आज है गुरु गोबिंद सिंह जयंती|

आज सप्तमी तिथि 01:10 PM तक उपरांत अष्टमी | नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 09:09 AM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा | व्यातीपात योग 12:21 PM तक, उसके बाद वरीयान योग | करण वणिज 01:10 PM तक, बाद विष्टि 12:39 AM तक, बाद बव | आज राहु काल का समय 09:49 AM – 11:08 AM है | आज चन्द्रमा मीन राशि पर संचार करेगा

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यदि होश में न हों तो भोजन मत करिए। तो क्या हम लोग बेहोशी में भोजन कर रहे हैं? सच यही है कि जब कभी हम भोजन करते हैं, हमें होश नहीं रहता। भोजन करते समय पूजा जैसी मानसिकता बनाएं। लंच और डिनर अन्न-यज्ञ जैसा है। इसमें ठिठोली या विवाद का अवसर ना रखें।

शांत मन से शुद्ध अन्न पाना सौभाग्य है। जिसने भोजन बनाया है, उसके प्रति आभार से भर जाएं। ईश्वर को धन्यवाद दें कि दो वक्त की रोटी नसीब हो रही है। लेकिन आज भोजन करते समय या तो लोग विचारों से भरे रहते हैं या लड़ रहे होते हैं। भोजन गरम मिले न मिले, पर लोगों का रुख गर्म हो गया है।

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रोटियां कुरकुरी हों न हों, वाणी कर्कश हो गई है। डाइनिंग टेबल पर आक्रामक मुद्रा अशांति को आमंत्रण है। कई बार तो कुछ ऐसे विषय डाइनिंग टेबल पर ही पैदा होते हैं कि भोजन खत्म हो जाता है, पर कौन सही, कौन गलत की अंताक्षरी चलती रहती है। अब तो मोबाइल और टीवी भी भोजन की डिश बन गए हैं। भोजन को अन्न-यज्ञ मानें और पवित्र मानसिकता से भोजन करें।