मनहूस दोपहर: चंबा में मलबे में दफन हुई चार जिंदगी, अपनों को खोने का गम

हिमशिखर खबर ब्यूरो

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चंबा : चंबा में रविवार दोपहर दर्दनाक हादसे की तस्वीरें सामने आई। अपनों को खोने के गम में चीख-पुकार मच गई। चंबा-नई टिहरी रोड़ पर थाने के पास टैक्सी स्टैंड की ऊपरी पहाड़ी से हुए भूस्खलन की घटना ने हर किसी को झकझोर दिया। हादसे में जसपुर गांव के सुमन खंडूडी ने अपनी पत्नी, बच्चे और बहन को हमेशा के लिए खो दिया। सुमन परिवारीजनों को बाजार से सामान खरीदकर जल्द वापस आने की बात कहकर गए थे। लेकिन सुमन वापस लौटकर आए, तो इस हादसे ने उन्हें जिंदगी भर न भूल पाने वाले जख्म दे दिए।

रविवार दोपहर को जसपुर गांव के सुमन खंडूडी पत्नी पूनम खंडूडी और अपने चार माह के बेटे श्रेयांश को लेकर अपने ससुराल जा रहे थे। चंबा पहुंचने पर उन्होंने नई टिहरी रोड़ पर टैक्सी स्टैंड की पार्किंग में अपने वाहन को खड़ा किया और सामान की खरीदारी करने के लिए बाजार निकल गए। इसी दौरान सुमन खंडूडी की बहन सरस्वती देवी अपने भाई बहन से मिलने के लिए मौके पर पहुंची। पूनम, श्रेयांश और सरस्वती देवी गाड़ी के अंदर ही बैठे हुए थे। तभी अचानक से भूस्खलन होने के कारण पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर ने उनके वाहन को चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक मशीनरी ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया था। वहीं, सुमन लौटकर आए तो इस भयावह मंजर को देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। वे रोते-रोते चिल्लाने लगे और बेसुध से हो गए। पूनम नई दिल्ली में सरकारी अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद पर तैनात थी। वह इन दिनों छुट्टी पर ससुराल आई थी। आज वह अपने मायके पक्ष से मिलने के लिए जा रही थी। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पूनम के पिताजी रोशन लाल भट्ट और मामा लाखी राम डबराल भी घटनास्थल पर पहुंचे। इस मंजर को देखकर बूढ़े रोशन लाल की आंखों से आंसुओं की धारा रूकने का नाम नहीं ले रही थी। इस वाकया को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गई।

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देर रात तक सर्च अभियान जारी

घटना स्थल पर मलबा हटाने और खोजबीन का अभियान देर रात तक जारी है। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे गए थे। देर रात तक डीएम घटना स्थल पर मौजूद हैं। डीएम और पूरी प्रशासन की टीम की त्वरित कार्रवाई पर लोगों ने धन्यवाद दिया है।

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