आज का पंचांग : श्री नीलकण्ठ महादेव

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

Uttarakhand

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

श्रावण शुक्ल पक्ष द्वितीया, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, श्रावण.

आज द्वितीया तिथि 06:47 PM तक उपरांत तृतीया. नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 03:42 AM तक उपरांत उत्तर फाल्गुनी. परिघ योग 09:28 AM तक, उसके बाद शिव योग. करण बालव 07:40 AM तक, बाद कौलव 06:47 PM तक, बाद तैतिल 06:03 AM तक, बाद गर. आज राहु काल का समय 10:55 AM – 12:31 PM है. आज चन्द्रमा सिंह राशि पर संचार करेगा.

आज का भगवद् चिन्तन

श्री नीलकण्ठ महादेव

भगवान शिव का एक नाम नीलकंठ भी है।समुद्र मंथन के समय निकले विष को लोक कल्याणार्थ भगवान शंकर पान कर गए।यहाँ पर एक बात बड़ी विचारणीय है कि भगवान शिव ने विष को न अपने भीतर जाने दिया और न ही मुख में रखा अपितु अपने कंठ में रख लिया।जीवन को आनन्दपूर्ण बनाने के लिए आवश्यक है कि जो बातें आपके लिए अहितकर हों आप उन्हें न अपने मुख में रखें और न अपने भीतर जाने दें अपितु भगवान नीलकण्ठ महादेव की तरह पचाना सीखें।

Uttarakhand Uttarakhand

यदि विषमता रुपी विष आपके भीतर प्रवेश कर गया है तो यह आपके जीवन की सारी सुख-शांति एवं खुशियों को जलाकर भस्म कर देगा।यह विष आपके जीवन के सारे आनंद को नष्ट कर देगा। इसलिए जीवन में विषमता रूपी अथवा विषय रूपी जो भी विष है, इसे कंठ तक ही रहने देना, चित्त तक मत ले जाना,यही नीलकण्ठ महादेव प्रभु के आनंदमय स्वरूप का रहस्य है।

आज का विचार

जीवन के उतार-चढ़ाव से अभी भी बहुत कुछ सीखना बाकी है और जीवन का एक अनमोल अनुभव प्राप्त करें। आस्तिक बनें और गर्व महसूस करें.!

Uttarakhand UttarakhandUttarakhand