आज का पंचांग : वैशाख मास की अमावस्या और शुक्रवार का योग आज

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है

आज (17 अप्रैल) वैशाख अमावस्या है। इस अमावस्या पर पितर देव के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों को तृप्ति मिलती है। घर-परिवार के मृत सदस्यों को पितर देव माना जाता है। वैशाख अमावस्या और शुक्रवार का योग होने से इस दिन महालक्ष्मी और भगवान विष्णु का विशेष अभिषेक करना चाहिए, इसके अलावा शुक्र ग्रह की भी पूजा करनी चाहिए।

वैशाख अमावस्या का व्रत सुख-समृद्धि और सफलता देने वाला माना जाता है। शुक्रवार और अमावस्या के योग में शुक्र की विशेष पूजा करेंगे, तो कुंडली में इस ग्रह से संबंधित दोषों का असर कम हो सकता है।

आज का पंचांग

सूर्योदय एवं चन्द्रोदय
सूर्योदय06:06 ए एमसूर्यास्त06:58 पी एम
चन्द्रोदयचन्द्रोदय नहींचन्द्रास्त06:56 पी एम
पञ्चाङ्ग
तिथिअमावस्या – 05:21 पी एम तकनक्षत्ररेवती – 12:02 पी एम तक
प्रतिपदाअश्विनी
योगवैधृति – 07:22 ए एम तककरणचतुष्पाद – 06:49 ए एम तक
विष्कम्भ – 03:45 ए एम, अप्रैल 18 तकनाग – 05:21 पी एम तक
प्रीतिकिंस्तुघ्न – 03:47 ए एम, अप्रैल 18 तक
वारशुक्रवारबव
पक्षकृष्ण पक्ष  
चन्द्र मास, सम्वत एवं बृहस्पति संवत्सर विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल
विक्रम सम्वत2083 सिद्धार्थीबृहस्पति संवत्सरसिद्धार्थी – 03:53 पी एम, अप्रैल 21, 2026 तक
शक सम्वत1948 पराभवरौद्र
गुजराती सम्वत2082 पिङ्गलचन्द्रमासवैशाख – पूर्णिमान्त
प्रविष्टे/गते4चैत्र – अमान्त
राजागुरु – शासन व्यवस्था के स्वामीसेनाधिपतिचन्द्र – रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्रीमंगल – नीतियों एवं प्रशासन के स्वामीधान्याधिपतिबुध – रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपतिगुरु – खरीफ की फसलों के स्वामीमेघाधिपतिचन्द्र – मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपतिगुरु – धन एवं कोष के स्वामीनीरसाधिपतिगुरु – धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपतिशनि – रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामीफलाधिपतिचन्द्र – फल-पुष्पादि के स्वामी
राशि तथा नक्षत्र
चन्द्र राशिमीन – 12:02 पी एम तकनक्षत्र पदरेवती – 06:34 ए एम तक
मेषरेवती – 12:02 पी एम तक
सूर्य राशिमेषअश्विनी – 05:29 पी एम तक
सूर्य नक्षत्रअश्विनीअश्विनी – 10:54 पी एम तक
सूर्य नक्षत्र पदअश्विनी – 07:20 पी एम तकअश्विनी – 04:19 ए एम, अप्रैल 18 तक
अश्विनीअश्विनी
ऋतु तथा अयन
द्रिक ऋतुवसन्तदिनमान12 घण्टे 52 मिनट्स 16 सेकण्ड्स
वैदिक ऋतुवसन्तरात्रिमान11 घण्टे 06 मिनट्स 43 सेकण्ड्स
द्रिक अयनउत्तरायणमध्याह्न12:32 पी एम
वैदिक अयनउत्तरायण  
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त04:37 ए एम से 05:21 ए एमप्रातः सन्ध्या04:59 ए एम से 06:06 ए एम
अभिजित मुहूर्त12:06 पी एम से 12:58 पी एमविजय मुहूर्त02:41 पी एम से 03:32 पी एम
गोधूलि मुहूर्त06:57 पी एम से 07:19 पी एमसायाह्न सन्ध्या06:58 पी एम से 08:05 पी एम
अमृत काल09:50 ए एम से 11:18 ए एमनिशिता मुहूर्त12:09 ए एम, अप्रैल 18 से 12:54 ए एम, अप्रैल 18
03:12 ए एम, अप्रैल 18 से 04:39 ए एम, अप्रैल 18अमृत सिद्धि योग06:06 ए एम से 12:02 पी एम
सर्वार्थ सिद्धि योगपूरे दिन  

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