आज का पंचांग: मंगलमय रक्षाबंधन

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

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पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

आज का पंचांग

श्रावण शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, सिद्धार्थ संवत्सर विक्रम संवत 2082, शक संवत विश्वावसु 1947, श्रावण |आज है पूर्णिमा और रक्षा बंधन

आज पूर्णिमा तिथि 01:24 PM तक उपरांत प्रतिपदा | नक्षत्र श्रवण 02:23 PM तक उपरांत धनिष्ठा | सौभाग्य योग 02:15 AM तक, उसके बाद शोभन योग | करण बव 01:25 PM तक, बाद बालव 12:50 AM तक, बाद कौलव | आज राहु काल का समय 09:18 AM – 10:55 AM है | आज 02:11 AM तक चन्द्रमा मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा

  1. विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – श्रावण
  4. अमांत – श्रावण

तिथि

  1. शुक्ल पक्ष पूर्णिमा   – Aug 08 02:12 PM – Aug 09 01:24 PM
  2. कृष्ण पक्ष प्रतिपदा   – Aug 09 01:24 PM – Aug 10 12:10 PM

नक्षत्र

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  1. श्रवण – Aug 08 02:28 PM – Aug 09 02:23 PM
  2. धनिष्ठा – Aug 09 02:23 PM – Aug 10 01:52 PM

आज का विचार

बचपन एक ऐसी अवस्था है जिसे हम बार बार जीना चाहते है। जो लोग सच्चाई में यकीन रखते है, उन्हें हजार परेशानी झेलनी पड़ती है लेकिन सच्चा सुख उन्हें ही मिलता है।

आज का भगवद् चिन्तन

मंगलमय रक्षाबंधन

रक्षाबंधन अर्थात् सुरक्षा के संकल्प का एक बंधन। बहनों की रक्षा के संकल्प से बंध जाना ही रक्षाबंधन है। रक्षा बंधन मनाने के पीछे एक दृष्टि यह भी है कि हमारे मन में प्रत्येक पर नारी के प्रति बहन की दृष्टि का भाव ही उत्पन्न हो सके।

हम अपनी बहनों को तो रक्षा का वचन दें ही दें, साथ में उन्हें यह वचन भी अवश्य दें कि आज से कोई भी अकेली स्त्री मेरी दृष्टि में एक अवसर नहीं अपितु एक जिम्मेदारी होगी।आज के दिन हम सभी को यह बात अवश्य ध्यान में रखनी चाहिए कि ” मैं अपनी बहन की रक्षा के संकल्प के साथ-साथ समाज और राष्ट्र की समस्त बहनों के आत्मसम्मान और अस्मिता की रक्षा का भी संकल्प लेता हूँ।”

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यथार्थ में दृष्टि को परिमार्जित और व्यापक करते हुए हमारे मन-मष्तिष्क में समाज में परस्पर एक-दूसरे में भाई – बहन का भाव ही दृढ़ता से समाहित हो, यही इस पावन पर्व का प्रमुख उद्देश्य भी है। भाई – बहन के प्रेम, स्नेह और समर्पण के पावन पर्व रक्षाबंधन की आप सभी को अनंत मंगल बधाई।