आज का पंचांग : विनयशील बनें

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आज का भगवद् चिन्तन

विनयशील बनें

व्यवहार जगत में विनय का अति विशेष महत्व है। शास्त्रों ने तो यहाँ तक कह दिया कि विनय संपत्ति प्रदान कर सकता है, विनय प्रीति प्रदान कर सकता है, विनय सन्मति प्रदान कर सकता है और इससे भी बढ़कर विनय मुक्ति प्रदान करने की सामर्थ्य भी रखता है। मुक्ति अर्थात् क्रोध से मुक्ति, ईर्ष्या से मुक्ति, प्रतिस्पर्धा से मुक्ति, राग – द्वेष से मुक्ति और सबसे बड़ी बात कि अहंकार से भी मुक्ति।

विनयः कारणं मुक्तेः विनयः कारणं श्रियः।
विनयः कारणं प्रीतेः विनयः कारणं मतेः॥

जिस मनुष्य के भीतर विनय रूपी सद्गुण विद्यमान रहेगा उसका जीवन बहुत सारे दुर्गुणों से स्वतः मुक्त हो जायेगा। जीवन में सबको झुकाकर चलने वाला हार सकता है, लेकिन सबसे झुककर चलने वाला कभी नहीं हार सकता। आँधी और तूफान भी पेड़ को तो उखाड़ और उड़ा सकते हैं पर जमीन से जुड़े एक छोटे से तिनके को नहीं। याद रहे कि विनय ही जीवन के रणक्षेत्र में विजय प्रदान कराती है।

आज का विचार

जीवन की इस यात्रा में अपने अस्तित्व को वैसे ही स्वीकार करें जैसे आप हैं। आप बाधाओं से भरी इस लंबी यात्रा को पूरा करके इस मुकाम तक पहुँचे हैं.!