आज का पंचांग : संयम में रहें, सुख से जिएँ

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है | ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचाग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है

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पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, यही मंगलकामना है। ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है।

आज द्वितीया तिथि 06:29 PM तक उपरांत तृतीया | नक्षत्र उत्तरभाद्रपदा 06:07 PM तक उपरांत रेवती | गण्ड योग 11:58 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग | करण तैतिल 07:52 AM तक, बाद गर 06:29 PM तक, बाद वणिज 05:04 AM तक, बाद विष्टि | आज राहु काल का समय 03:28 PM – 05:00 PM है | आज चन्द्रमा मीन राशि पर संचार करेगा

  1. विक्रम संवत – 2082, सिद्धार्थ
  2. शक सम्वत – 1947, विश्वावसु
  3. पूर्णिमांत – आश्विन
  4. अमांत – भाद्रपद

तिथि

  1. कृष्ण पक्ष द्वितीया   – Sep 08 09:12 PM – Sep 09 06:29 PM
  2. कृष्ण पक्ष तृतीया   – Sep 09 06:29 PM – Sep 10 03:38 PM

नक्षत्र

  1. उत्तरभाद्रपदा – Sep 08 08:02 PM – Sep 09 06:07 PM
  2. रेवती – Sep 09 06:07 PM – Sep 10 04:03 PM

आज का भगवद् चिंतन

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संयम में रहें, सुख से जियें

जिसकी इंद्रियाँ वश में हैं, वही व्यक्ति सबसे सुखी भी है। व्यक्ति केवल पैरों से ही नहीं फिसलता है अपितु कानों से, आँखों से, जिह्वा से और मन से भी फिसल जाता है। स्वयं के पैरों को गलत दिशा में जाने से रोकना, कानों को गलत श्रवण से रोकना और आँखों को कुदृश्य देखने से रोकना, यह स्वयं के द्वारा स्वयं के विरुद्ध लड़ा जाने वाला संयम रुपी युद्ध ही तो है।

संयम मानवीय गुणों में एक प्रधान गुण है। पशुओं में इन्द्रिय निग्रह देखने को नहीं मिलता अर्थात् पशुओं में संयम नहीं होता है। संयम अर्थात् एक युद्ध, स्वयं के विरुद्ध। जिस जीवन में संयम नहीं वह जीवन पशु भले ना हो पर पशुवत अवश्य हो जाता है।असंयमितता जीवन को पतन की ओर ले जाती है। जीवन में संयमी और शुभ कार्यों में अग्रणी, यही तो महापुरुषों के लक्षण हैं।

आज का विचार

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जो बात आपके अनुकूल ना हो उसका विरोध कभी नहीं करें। यदि दूसरों को पहचानना है तो सबसे पहले खुद को पहचानना होगा.