आज का पंचांग : महायोगी हैं महादेव

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

आज का भगवद् चिन्तन
महायोगी हैं महादेव

श्रावण मास में शिवजी के दर्शन करते समय एक बात और सीखने योग्य है।शिवजी के जीवन में विलास नहीं है, संन्यास है, भोग नहीं है, योग है क्योंकि भगवान शिव के चित्त में काम नहीं राम है।शिवजी ने कामदेव को भी भस्म किया है।विषय, विष से भी अधिक घातक होते हैं।विष शरीर को मारता है, विषय आत्मा तक को दूषित कर देते हैं।

विष खाने से केवल एक जन्म, एक शरीर नष्ट होता है पर विषय का चस्का लग जाने पर तो जन्म-जन्मान्तर नष्ट हो जाते हैं।संयम से जीवन जीने से आयु भी बढ़ती है और योग के साथ रहने से चित्त भी प्रसन्न रहता है। विषय आयु को तो नष्ट करता ही है साथ ही चित्त में अशांति और भोगों को पुनः प्राप्त करने की इच्छा भी उत्पन्न करता है।भोग ही रोग को जन्म देते हैं इसलिए भोगी बनकर नहीं योगी बनकर जीना सीखो।

प्रभात चिंतन

प्रियमप्यहितं वाक्यं न ब्रूयात् कस्यचित् बुधः।
हितं चाप्यप्रियं ब्रूयादेष धर्मः सनातनः॥

भावार्थ:- बुद्धिमान व्यक्ति किसी को भी ऐसी बात नहीं कहता जो अहितकारी हो। यदि हित की बात अप्रिय भी लगे, तब भी उसे कहना चाहिए। यही सनातन धर्म है।