पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
श्रावण शुक्ल पक्ष षष्ठी, सिद्धार्थि संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, श्रावण. आज है षष्टी.
आज षष्ठी तिथि 05:50 PM तक उपरांत सप्तमी. नक्षत्र स्वाति. शुक्ल योग 03:22 AM तक, उसके बाद ब्रह्म योग. करण तैतिल 05:51 PM तक, बाद गर. आज राहु काल का समय 03:42 PM – 05:17 PM है. आज चन्द्रमा तुला राशि पर संचार करेगा.
आज का भगवद् चिन्तन
भूतभावन महादेव
प्रेम की वास्तविक परिभाषा हमें भगवान शिव से सीखनी चाहिए।दुनिया वाले भी प्रेम करते हैं पर केवल उस वस्तु को जो उनके उपयोग की हो। अनुपयोगी अथवा बिना कारण किसी से यदि कोई प्रेम करता है तो वो भगवान शिव ही हैं इसलिए वो भूतभावन भी कहलाते हैं।भूत-प्रेतों से प्रेम करना अर्थात समाज में उन लोगों से भी प्रेम करना जो समाज द्वारा तिरस्कृत हों,समाज की नजरों में उपेक्षित हों।
भोलेनाथ जी का अपनत्व उनके लिए भी है,जो समाज की दृष्टि में अनुपयोगी बन चुके हों।भूतभावन भगवान शिव से हमें यह प्रेरणा लेनी चाहिए कि समाज का चाहे कोई भी वर्ग अथवा चाहे कोई भी व्यक्ति क्यों न हो यदि आप उन्हें ज्यादा कुछ न दे सको तो कोई बात नहीं, कम से कम थोड़ा सा अपनत्व अवश्य दे दिया करो।प्राणीमात्र के प्रति प्रेम,सम्मान अथवा अपनत्व की भावना ही शिवत्व की अवधारणा है.





