उत्तराखंड: चार घंटे में दूसरी बार आया भूकंप, घरों से बाहर निकले लोग, इतनी थी तीव्रता

उत्तराखंड में एक बार फिर भूकंप आया है। आधी रात को आए भूकंप से डरे लोग तुरंत घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 6.3 थी। भूकंप का केंद्र नेपाल था। इसके बाद आज सुबह 6.27 बजे एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस हुए। पिथौरागढ़ में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया। 

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हिमशिखर खबर ब्यूरो

देहरादून

उत्तराखंड में रात करीब दो बजे के बाद सुबह 6.27 बजे दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। रात में जग रहे लोग दहशत में घरों से बाहर निकल आए थे। भूकंप का पहला केंद्र नेपाल में था। रिक्टर स्केल में इसकी तीव्रता 6.3 नापी गई थी। भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर अंदर था। वहीं दूसरा केंद्र पिथौरागढ़ रहा। इस बार इसकी तीव्रता 4.3 रही।

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कैसे आता है भूकंप

भूकंप के आने को समझने से पहले हमें जानना होगा कि धरती के नीचे मौजूद प्लेटों की संरचना को समझना होगा। भू-विज्ञान के मुताबिक पूरी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्त है। इन प्लेटों के टकराने पर जो ऊर्जा निकलती है, उसे भूकंप कहा जाता है. दरअसल धरती के नीचे मौजूद ये प्लेटें बेहद धीमी रफ्तार से घूमती रहती हैं। हर साल 4-5 मिमी अपनी जगह से खिसक जाती हैं। इस दौरान कोई प्लेट किसी के नीचे से खिसक जाती है, तो कोई दूर हो जाती है। इस दौरान जब प्लेटें आपस में टकराती हैं तो भूकंप आता है।

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क्या होता है भूकंप का केंद्र?

पृथ्वी की सतह के नीचे जहां पर चट्टानें टूटती हैं या टकराती हैं, उसे भूकंप का केंद्र या हाइपोसेंटर या फोकस कहा जाता है। इस स्थान से भूकंप की ऊर्जा तरंगों के रूप में बतौर कंपन फैसली है। ये कंपन बिल्कुल उसी तरह की होती है, जैसे शांत तालाब में कंकड़ फेंकने से जो तरंगें पैदा होती हैं। विज्ञान की भाषा में समझें तो पृथ्वी के केंद्र को भूकंप के केंद्र से जोड़ने वाली रेखा जिस स्थान पर पृथ्वी की सतह को काटती है, उसे भूकंप का अभिकेंद्र यानि एपिक सेंटर कहा जाता है। स्थापित नियमों के मुताबिक पृथ्वी की सतर पर यह स्थान भूकंप के केंद्र से सबसे नजदीक होता है।