पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
श्रावण कृष्ण पक्ष अमावस्या, सिद्धार्थि संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आषाढ़. आज है हरियाली अमावस्या और अमावस्या.
आज अमावस्या तिथि 11:06 PM तक उपरांत प्रतिपदा. नक्षत्र पुष्य 07:59 AM तक उपरांत आश्लेषा. व्यातीपात योग 03:25 PM तक, उसके बाद वरीयान योग. करण चतुष्पद 12:27 PM तक, बाद नाग 11:06 PM तक, बाद किस्तुघन. आज राहु काल का समय 12:31 PM – 02:08 PM है. आज चन्द्रमा कर्क राशि पर संचार करेगा.
आज का भगवद् चिन्तन
महादेव रौद्र रुप का संदेश
शांत रहो लेकिन आपकी शांति अधर्म को प्रश्रय देती हो तो वहां पर शांति से ज्यादा महत्वपूर्ण क्रोध हो जाता है।भगवान शिव के रूद्र रूप का यही तो रहस्य है।द्वेषवश किसी से किया गया क्रोध जहाँ अनिष्टकारी और अहितकारी होता है,वहीं किसी के हित में किया गया क्रोध स्वयं के लिए भी शुभकारी और हितकारी ही होता है।क्रोध किया यह महत्वपूर्ण नहीं अपितु क्रोध क्यों किया यह महत्वपूर्ण है।
लोकहित, लोकमंगल और धर्म को ग्लानि से बचाने के लिए किया गया क्रोध भी कल्याणकारी होता है,यही भगवान शिव के रौद्र रूप का संदेश है।भगवान शिव तो कल्याण स्वरुप हैं इसलिए उनका रूद्र रूप भी कल्याण कारक ही है।सामर्थ्यवान होकर अन्याय और अनीति को सहते रहना यह अन्याय को बढ़ावा देने जैसा ही है।लोकमंगल, लोकहित और धर्म रक्षार्थ किया गया क्रोध भी जीव के शिव बनने का एक मार्ग है।