पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
श्रावण कृष्ण पक्ष चतुर्दशी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आषाढ़. आज है मास शिवरात्रि.
आज यानी 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि मनाई जा रही है. इस मौके पर सुबह से ही मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं. बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के जलाभिषेक की तैयारी कर रहे हैं. मान्यता है कि सावन शिवरात्रि पर सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने और शिवलिंग पर जल अर्पित करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं. इसी के साथ कई जगहों पर कांवड़ यात्रा का समापन भी होता है.
आज चतुर्दशी तिथि 01:53 AM तक उपरांत अमावस्या | नक्षत्र पुनर्वसु 10:09 AM तक उपरांत पुष्य | सिद्धि योग 06:51 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग. करण विष्टि 03:23 PM तक, बाद शकुनि 01:53 AM तक, बाद चतुष्पद. आज राहु काल का समय 03:45 PM – 05:22 PM है. आज चन्द्रमा कर्क राशि पर संचार करेगा.
दोस्त कभी ज्यादा होते ही नहीं हैं। जो थोड़े-बहुत होते भी हैं, वे दो प्रकार के हैं- अंतरंग और बहिरंग. मित्रता में समानता, संयम, संस्कृति बहुत जरूरी हैं. अगर आपको मित्र बनाने में रुचि है और मित्रता के मामले में अकेलापन महसूस हो रहा हो तो यह प्रयोग करिए.
अपने रिश्तों में से मित्रता निकालिए। तब जो भी मित्र मिलेंगे, कम से कम देखे-परखे होंगे. यह प्रयोग अर्जुन और कृष्ण ने किया था. यह दोनों साले-बहनोई थे और इन्होंने इस रिश्तेदारी को मित्रता में बदला. इनकी दोस्ती इतनी प्यारी थी कि कई अवसरों पर अर्जुन ने कृष्ण को गुरु ही कह दिया.
और ठीक भी बात है, मित्र कब गुरु की भूमिका में आ जाए, कह नहीं सकते. सच्चा मित्र होता भी वही है, जो अवसर आने पर शिष्य भी बन जाए और अपने आप को गुरु भी बना ले. मित्र ताश के पत्ते की तरह नहीं होते कि बाजी फेंको या उठाओ. मित्र तो एक ग्रंथ के पन्नों की तरह होते हैं। ग्रंथ बंद कर लो तो भी काम के और खोल के पृष्ठ में से कोई अच्छा विचार निकालो तो भी उपयोगी.