पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
श्रावण शुक्ल पक्ष पंचमी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, श्रावण. आज है सोमवार व्रत, सिंह संक्रांति and नाग पंचमी.
आज पंचमी तिथि 05:00 PM तक उपरांत षष्ठी | नक्षत्र चित्रा 04:58 AM तक उपरांत स्वाति | शुभ योग 03:28 AM तक, उसके बाद शुक्ल योग | करण बालव 05:00 PM तक, बाद कौलव 05:20 AM तक, बाद तैतिल. आज राहु काल का समय 07:43 AM – 09:19 AM है | आज 04:19 PM तक चन्द्रमा कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा.
आज का भगवद् चिन्तन
शिवाश्रय महिमा
भगवान शिव स्वयं तो पूज्य हैं ही लेकिन उन्होंने प्रत्येक उस प्राणी को भी पूज्य बना दिया जो उनकी शरण में आ गया। शिव आश्रय ले लेने पर वक्र चन्द्र अर्थात वो चन्द्रमा जिसमें अनेक विकृतियां,अनेक दोष हैं पर वो भी वन्दनीय बन गए।जिसे मनुष्यों का जन्मजात शत्रु माना जाता है,वही सर्प जब भगवान शिव की शरण लेकर उनके गले का हार बन जाता है तो फिर पूज्यनीय भी बन जाता है।
यह भगवान महादेव के संग का ही प्रभाव है कि शिवजी के साथ-साथ नाग देव के रूप में सर्प को भी सारा जगत पूजता है।भगवान महादेव अपने आश्रित को केवल पुजारी बनाकर ही नहीं रखते अपितु पूज्य भी बना देते हैं। हमें भी यथा संभव दूसरों का सम्मान एवं सहयोग करना चाहिए।जीवन इस प्रकार का हो कि आपसे मिलने के बाद सामने वाले का हृदय उत्साह, प्रसन्नता और आनंद से परिपूर्ण हो जाये।
आज का विचार
जिंदगी में चुनौतिया हर किसी के हिस्से नहीं आती, क्योंकि, किस्मत भी किस्मत वालो को ही आजमाती है.!





