
नई टिहरी। श्रावण मास के पावन अवसर पर डडुर स्थित प्राचीन बगासू महादेव मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा का शुभारंभ गुरुवार को बारिश की फुहारों के बीच भव्य कलश यात्रा के साथ श्रद्धा एवं भक्ति के वातावरण में हुआ। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं शिवभक्तों ने भाग लिया। पूरे क्षेत्र में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से वातावरण शिवमय हो उठा।
व्यासपीठ पर विराजमान कथावाचक आचार्य सीता शरण महाराज ने मंगलाचरण के साथ कथा का प्रथम दिवस प्रारंभ किया। उन्होंने भगवान शिव की अनंत महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि संतों का सान्निध्य, ईश्वर का निरंतर स्मरण तथा सद्गुरु की शरण ही मानव जीवन को सफल एवं सार्थक बनाती है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए श्रद्धा, समर्पण, सेवा और सत्संग का मार्ग सर्वोत्तम है।
आचार्य ने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों को अपनाने, धर्म के प्रति आस्था बढ़ाने तथा भगवान शिव की भक्ति के माध्यम से समाज में प्रेम, सद्भाव और संस्कारों को सुदृढ़ करने का आह्वान किया।

कथा के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा आयोजन की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की। आयोजकों ने क्षेत्रवासियों से आगामी दिनों में भी कथा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की।
इस मौके पर सते सिंह डोटियाल, दिनेश उनियाल, दिनेश रावत, सूरत सिंह नेगी, रघुवीर सिंह पुंडीर, दिलवर सिंह रावत, बलवंत सिंह डोटियाल, उम्मेद सिंह गुसाईं, उत्तम सिंह पंवार, स्वर्ण सिंह नेगी आदि मौज़ूद रहे.