पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.
पंडित उदय शंकर भट्ट
आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.
श्रावण कृष्ण पक्ष अष्टमी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आषाढ़.

आज अष्टमी तिथि 06:52 PM तक उपरांत नवमी. नक्षत्र भरणी 08:13 PM तक उपरांत कृत्तिका. गण्ड योग 03:00 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग. करण बालव 07:51 AM तक, बाद कौलव 06:53 PM तक, बाद तैतिल 05:48 AM तक, बाद गर. आज राहु काल का समय 02:10 PM – 03:47 PM है. आज 01:53 AM तक चन्द्रमा मेष उपरांत वृषभ राशि पर संचार करेगा.
आज का विचार
जीवन में कितनी भी बुरी बात क्यों न हुई हो उसे भूल जाओ। क्योंकि, उस बात से आपको उतना नुकसान नही होगा जितना उसे बार बार याद करने से होगा.
आज का भगवद् चिन्तन
भोलेनाथ महादेव
प्रत्येक स्थिति-परिस्थिति में प्रसन्न रहना भगवान शिव के जीवन से सीखना चाहिए।भगवान शिव बड़े भोले हैं और जो भोला है,वही दुनिया का नाथ बनने की पात्रता रखता है।शिवजी ने भीतर से अपने आपको इतना शक्तिसंपन्न,उच्च विचारयुक्त,धीर,गंभीर,सहनशील,धैर्यवान,मान-अपमान मुक्त बना रखा है कि संसार की कोई भी स्थितियाँ उन्हें विचलित नहीं कर पाती हैं।
शिवजी अपने हृदय में केवल राम नाम को रखते हैं,बाकी सब बाहर ही छोड़ देते हैं।जिनके हृदय में प्रभु श्रीराम हैं,उन्हीं के जीवन में विश्राम भी है।भगवान शिव अन्तर्मुखी हैं,स्वयं में स्थित रहते हैं।मजबूत बनो, ताकि हर स्थिति का मुस्कुराकर सामना कर सको। एक बात और जो भोलेनाथ अर्थात कपट रहित सरल एवं सहज है, वही दुनिया का नाथ अर्थात सबके हृदय में बस जाने वाला भी बन जाता है।