आज का पंचांग : धीरे-धीरे बढ़ते रहो

पंचांग का अति प्राचीन काल से ही बहुत महत्त्व माना गया है. ज्योतिष शास्त्रों में भी पंचांग को बहुत महत्त्व दिया गया है और पंचांग का पठन एवं श्रवण अति शुभ माना गया है.

पंडित उदय शंकर भट्ट

आज आपका दिन मंगलमयी हो, ‘हिमशिखर खबर’ हर रोज की तरह आज भी आपके लिए पंचांग प्रस्तुत कर रहा है.

श्रावण कृष्ण पक्ष चतुर्थी, रौद्र संवत्सर विक्रम संवत 2083, शक संवत पराभव 1948, आषाढ़. आज है संकष्टी गणेश चतुर्थी.

आज चतुर्थी तिथि 11:15 PM तक उपरांत पंचमी. नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 09:37 PM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा. अतिगण्ड योग 10:29 PM तक, उसके बाद सुकर्मा योग. करण बव 11:15 AM तक, बाद बालव 11:15 PM तक, बाद कौलव. आज राहु काल का समय 05:26 PM – 07:04 PM है. आज 03:26 PM तक चन्द्रमा कुंभ उपरांत मीन राशि पर संचार करेगा.

आज का भगवद् चिन्तन

धीरे-धीरे बढ़ते रहो

तिनके-तिनके से घौंसला बनता है, बूँद-बूँद से सागर भरता है, ईंट-ईंट से महल का निर्माण होता है और कदम-कदम से ही हिमालय की ऊँचाई को पार किया जा सकता है। एक-एक फूल से माला का निर्माण होता है व माला पहनाये जाने वाले के सौंदर्य को और बढ़ा देती है। ऐसे ही हमारे छोटे-छोटे प्रयासों के पुष्प से ही विजयश्री की माला का निर्माण होता है जो जीवन को महका देती है।

लक्ष्य की ओर सदैव गतिमान रहना चाहिए। यदि हम दौड़ नहीं पाते हैं तो कोई बात नहीं बस ठहर नहीं जाना है। ठहर जाने की अपेक्षा धीरे-धीरे चलते रहना कई गुना बेहतर है। बैठा हुआ बाज भी पूरे दिन एक ही पेड़ पर रह जाता है और चलती हुई चींटी भी कई योजन की यात्रा कर लेती है। धीरे-धीरे ही सही बस अपने लक्ष्य की ओर सदैव बढ़ते रहने का हौसला रखो, देर तो हो सकती है, लेकिन हार नहीं होगी।


आज का विचार

दवा जेब में नहीं परंतु शरीर में जाए तो असर होता है, वैसे ही अच्छे विचार मोबाइल में नहीं, हृदय में उतारे तो जीवन सफल होता है.